Breaking News

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद मे पाकिस्तान को इस तरह पस्त

भारत ने अनुच्छेद 370 पर जो फैसला लिया उससे पाकिस्तान को दिक्कत है, इसी मसले को लेकर पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद पहुंचा.

अब रेलवे फ्री में रिचार्ज करेगा, आपका मोबाइल नंबर

लेकिन भारत ने अपने तर्कों से उसकी हर मांग को बेदम कर दिया.

भारत की ओर से पहले विदेश मंत्रालय की सचिव (ईस्ट) विजय ठाकुर सिंह और बाद में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के लिए भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने पाकिस्तान के तर्कों का जवाब दिया और पाकिस्तान को लाजवाब कर दिया. भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के मंच पर ये तर्क रखकर पाकिस्तान को पस्त कर दिया है-

700 रुपये महीने में इंटरनेट, मुफ्त फोन कॉल, एचडी टीवी और डिश….

1.    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के बारे में गलत और मनगढ़ंत कहानी पेश की है. भारत द्वारा अपने संवैधानिक ढांचे के अनुरूप ही अनुच्छेद 370 को लेकर फैसला लिया गया है.

2.    भारत इस मुद्दे पर कोई विदेशी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि यह उसका आंतरिक मामला है.

लखनऊ में ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए, उठाया गया ये बड़ा कदम

3.    पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र है और वह वैकल्पिक कूटनीति के तौर पर सीमा पार आतंकवाद का संचालन करता है. भारत मानवधिकारों को बढ़ावा देने और उसकी रक्षा करने में दृढ़ता से विश्वास करता है.

4.    जो लोग क्षेत्र में किसी भी रूप में आतंकवाद को बढ़ावा देने व वित्तीय तौर पर इसका समर्थन करते हैं, वास्तव में वही मानव अधिकारों के सबसे बड़े हननकर्ता हैं.

शिक्षक और स्टूडेंट्स को पीएम मोदी ने दी ये खास सलाह….

5.    पाकिस्तान पीड़ित बनने का रोना रो रहा है, जबकि वास्तव में वह खुद मानवाधिकारों के हनन का अपराधी है. हमें उन लोगों पर लगाम कसनी चाहिए, जो मानवाधिकारों की आड़ में दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडों के लिए इस मंच का दुरुपयोग कर रहे हैं.

6.    ये लोग (पाकिस्तान) दूसरे देशों के अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों पर बोलने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वे अपने ही देश में उन्हें रौंद रहे हैं, वे पीड़ित की तरह रो रहे हैं, जबकि वास्तव में वे अपराधी हैं.

ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर जारी हुआ ये नया नियम

7.    भारत ने अनुच्छेद 370 पर संसद द्वारा पारित अन्य विधानों की तरह ही भारतीय संसद द्वारा एक पूर्ण बहस के बाद लिया गया. इसे व्यापक तौर पर समर्थन भी मिला.

8.    इस फैसले से संपत्ति पर अधिकार और स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व समेत लैंगिक भेदभाव का अंत होगा, बाल अधिकारों का बेहतर संरक्षण होगा. साथ ही घरेलू हिंसा के खिलाफ संरक्षण मिलेगा. शिक्षा, सूचना और काम का अधिकार कानून लागू होगा और शरणार्थियों और वंचितों के खिलाफ भेदभाव समाप्त होगा.

यूपी के इस सरकारी स्कूल के बच्चों का दिमाग है गुगल से भी तेज….

9.    सीमा पार आतंकवाद के विश्वसनीय खतरों का सामना करने में हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी निवारक और एहतियाती उपायों की जरूरत थी.

10.    पाकिस्तान ने आज मानवाधिकारों पर वैश्विक समुदाय की आवाज के रूप में बोलने की मिथ्या कोशिश की. लेकिन दुनिया को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता, पाकिस्तान का बुरा रिकॉर्ड अपने आप में बोलता है.

मोदी सरकार ने की इन अधिकारियों की छुट्टी,देखे लिस्ट….

इस दुकान के समोसे में निकली छिपकली….

स्‍टेट बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर….

एक करोड़ रुपये जीतने का मौका, बस करना होगा ये छोटा सा काम

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ बेहद आसान,जानें पू

Spread the love
Loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com