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गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है पोषण की ये बातें

pregnancyandplasti_145543573289_650_021416011312गर्भधारण करने पर स्त्रियों के शरीर में काफी बदलाव आते हैं। पर जरूरी नहीं कि सभी गर्भवती महिलाओं के शरीर में एक जैसे ही बदलाव हों। ऐसे में कई बार खाना बनाने और खाने का मन नहीं करता है। कभी कुछ ऐसा खाने का मन करता है, जिससे स्वाद और मूड दोनों ही बदल जाएं। लेकिन इस दौरान यह जरूर ध्यान रखें कि आप जो खाने जा रही हैं, वो पौष्टिक हो। आइये जानते हैं कुछ ऐसे व्यंजन, जो स्वाद और सेहत दोनों से भरपूर होने के साथ ही बनाने में भी काफी आसान हैंः

पहली तिमाही में: गर्भावस्था के पहले तीन माह के दौरान भ्रूण का विकास होता है और वह मानव भ्रूण का आकार लेने लगता है। इस दौरान डॉक्टर से पूछे बिना कोई भी चीज लेना खतरनाक हो सकता है और इससे बच्चे में संरचनात्मक विकार पैदा हो सकता है। इस अवधि में फॉलिक एसिड के अलावा किसी दवा की जरूरत नहीं होती है। साथ ही अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में आयरन और प्रोटीन लें।

पालक-पनीर बनाने का आसान तरीका: पालक को अच्छी तरह धो लें। एक बरतन में एक चौथाई कप पानी, पालक और चुटकी भर चीनी डालकर पालक उबाल लें। टमाटर, हरी मिर्च, अदरक सबको मिक्सर में बारीक पीस लें। कड़ाही में तेल गर्म कर हींग और जीरा भून लें और उसके बाद हल्दी पाउडर, कसूरी मेथी, दो चम्मच बेसन, टमाटर वाला पेस्ट डालकर दो मिनट भूनें। फिर क्रीम या मलाई डालकर मसाले को तब तक भूनिए, जब तक कि मसाले के ऊपर तेल न तैरने लगे। उबले हुए पालक को ठंडा होने के बाद मिक्सर में बारीक पीस कर इस भुने हुए मसाले में मिला दें। ग्रेवी में आवश्यकतानुसार पानी व नमक डालकर उबालें। पनीर के टुकड़े डालकर दो-तीन मिनट धीमी आंच पर ढंककर पकाएं। अंत में गरम मसाला और नीबू का रस मिलाएं। आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, विटामिन ए, विटामिन सी, मैग्नीशियम और प्रोटीन से भरपूर डिश तैयार है। अब इसे मलाई से गार्निश करें और रोटी या चावल के साथ परोस कर खाएं।

दूसरी तिमाही में: दूसरी तिमाही के शुरुआत के बाद मॉर्निंग सिकनेस और उल्टी से जुड़ी परेशानियां कम होने लगती हैं। पर दूसरी ओर पेट का आकार बढ़ने के कारण पीठ और पैरों में दर्द की शिकायत बढ़ने लगती है। लेकिन सबसे खास बात यह है कि इस दौरान भूख फिर से लगनी शुरू हो जाती है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि जोरदार भूख लगने पर भी आप जो खाएं वह पौष्टिक और संतुलित हो, क्योंकि आप जो खाएंगी, उस पर आपके बच्चे का विकास निर्भर है।

नीबू वाले रसम: दूसरी तिमाही में आपको नीबू वाले रसम का स्वाद अच्छा लगेगा। नीबू वाला रसम न सिर्फ विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, बल्कि यह फॉलिक एसिड से भी भरपूर है। फॉलिक एसिड बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए जरूरी है। रसम बिना मसालों के बनाई जाती है और इसे बनाना भी बहुत आसान है। सबसे पहले अरहर की दाल को नमक, पानी और हल्दी डालकर कुकर में उबाल लें। जब दाल पक जाए तो उसे किसी चम्मच आदि की मदद से मैश कर लें। एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें राई, हींग, जीरा, करी पत्ता, बीच से कटी हरी मिर्च और हल्दी पाउडर डालकर फ्राई करें। जब मिश्रण फ्राई हो जाए तब उसमें 1 कप पानी डालकर उबालें। फिर उसमें मैश की हुई दाल, चीनी और नमक डालें। थोड़ी देर बाद गैस बंद कर दें और आधा कप नीबू का रस मिलाएं। धनिया पत्ती से गार्निश कर खाएं।

तीसरी तिमाही में: गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में बच्चे की कैलोरी से संबंधित जरूरतें बढ़ जाती हैं। तीसरी तिमाही में हर तीन घंटे पर खाना जरूर खाएं। तीसरी तिमाही में हर माह एक-दो किलो वजन बढ़ना जरूरी होता है और इस दौरान प्रतिदिन 300-450 अतिरिक्त कैलोरी की जरूरत होती है। इसलिए तीसरी तिमाही में डेयरी उत्पाद, सूखे मेवे, साबुत अनाज और दलिया वगैरह अधिक खाएं।

मसालेदार पनीर टिक्का: सबसे पहले पैन में बटर पिघला लें। पैन में टोमैटो प्यूरी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें। नमक डालें और धीमी आंच पर तीन-चार मिनट पकने दें। फ्रेश क्रीम मिलाएं, दो-तीन मिनट और पकाएं। गैस ऑफ करें। जब ग्रेवी ठंडी हो जाए तो उसमें पनीर के टुकड़े, प्याज और शिमला मिर्च डालकर कुछ देर छोड़ दें। लकड़ी की सींक पर बटर लगाएं और उसमें एक-एक करके पनीर, शिमला मिर्च और प्याज के टुकड़ों को लगाएं। ब्रश की मदद से इन पर बटर लगाएं और 10-12 मिनट के लिए ग्रिल्ड करें। जब यह पक जाए, तब पांच मिनट तक के लिए ऐसे ही रहने दें और फिर सींक से बाहर निकाल लें। प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और अन्य कई पोषक पदार्थों से भरपूर आपकी डिश तैयार है। कटी हुई हरी मिर्च, कटे प्याज और कटी हुई धनिया पत्ती से गार्निश कर सर्व करें।

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