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लखनऊ के फन मॉल में आतंकी हमला….

लखनऊ, गोमतीनगर स्थित फन मॉल में कल आतंकियों ने हमला कर दिया। वहीं सैकड़ों लोगों को बंधक बना दिया। ताबड़तोड़ गोलियां भी बरसाई गई। इसकी जानकारी सिक्योरिटी गार्ड ने कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने अलर्ट जारी किया और आनन-फानन में रेस्क्यू और आतंकियों से निपटने के लिए एटीएस, एनडीआरएफ, एसडीआरएप, पीएसपी, पुलिस और होमगाड्र्स के अलावा बीडीएस टीम, डॉग स्क्वायड, सिविल डिफेंस मौके पर पहुंच गए। बता दें, एटीएस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, पुलिस ने पहला सबसे बड़ा नाटकीय संयुक्त अभ्यास किया।

जवाबी कार्रवाई में एटीएस के विशेष दस्ते ने पूरी इमारत को चारो तरफ से घेर लिया। मॉल के अंदर और छत पर फंसे पुरुष, महिलाएं और बच्चे चीख पुकार कर रहे थे। चारो तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। इस बीच एटीएस इंस्पेक्टर पवन कुमार की लीडरशिप में कवरिंग फायर देते हुए एक दस्ता मॉल के अंदर दाखिल होता है।  उधर, राहत एवं बचाव कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट आरपी भारती ने अपनी यूनिट को अलर्ट किया। आनन-फानन में मेडिकल बेस बनाया गया। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र पांडेय ने माइक से कमांड एवं निर्देश देना शुरू किया।

एसडीआरफ के एएसपी शुएब इकबाल अपनी टीम की मॉनिटरिंग कर रहे थे। इस बीच एटीएस टीम ने पांच आतंकियों को मॉल के अंदर मार गिराया। कई आतंकियों को पकड़कर एटीएस की टीम बेसमेंट से पीछे के रास्ते लेकर चली गई। तभी एक आतंकी ने आरडीडी (रेडियोलॉजिकल डिस्प्रेजल डिवाइस) विस्फोटक लगाकर सुसाइड ब्लास्ट कर लिया। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। होमगाड्र्स, पीएसी, एसडीआरएफ के जवानों ने स्ट्रेचर और दो लोगों की मदद से हाथों के बीच में बैठाकर बाहर स्थित मेडिकल कैंप तक पहुंचाया। जहां उनका इलाज शुरू हुआ। वहीं, सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने अपनी टीम लगाकर भीड़ को काबू किया। माइक पर निर्देश देते रहे। पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मेजर जनरल आरपी शाही ने की।

आतंकी के सुसाइड विस्फोट के बाद और क्रास फायरिंग में मॉल के पास क्लोरीन गैस का टैंक लीक हो गया। विस्फोट और टैंक लीकेज से आस पास रेडिएशन फैल गया। जिससे लोगों में उल्टी, सांस लेने में दिक्कते होने लगीं। इस पर एनडीआरएफ की सीबीआरएन (केमिकल बॉयोलॉजिकल रेडियोलॉजिकल न्यूक्लियर) इमरजेंसी रिस्पॉस टीम बुलाई गई। टीम के जवान, मास्क, किट, जैकेट पहनकर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ अंदर दाखिल हुए। उन्होंने रेस्क्यू शुरू किया।

ब्लास्ट के दौरान हुए क्लोरीन रिसाव के कारण छत पर छुपे लोगों की हालात बिगड़ गई। वहीं कुछ लोग गोलीबारी में घायल हुए। एनडीआरएफ के जवानों ने करीब 60 फीट ऊंची छत से एक बच्चे की डमी को गोद में लेकर रस्सी के सहार लिफ्ट कराकर नीच उतारा। इसके बाद रोप स्ट्रेचर में एक युवक को लिटाकर पूरी कवरिंग देते हुए सुरक्षित नीचे लेकर पहुंचे। यह देख वहां खड़े लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

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