कोरी समाज, गौतम बुद्ध के वंशज हैं – गौरीशंकर

लखनऊ, हाल ही मे हुये यूपी के विधान सभा चुनाव मे, बुंदेलखंड मे कोरी समाज ने एतिहासिक प्रदर्शन किया. बुंदेलखंड की कुल 19 सीटों मे से 05 सीटों पर केवल कोरी समाज के विधायकों ने सफलता के झंडे गाड़कर अपनी राजनैतिक जागरूकता और सामाजिक एकता  का उदाहरण पेश किया. साथ ही पूरे प्रदेश से 10 विधायक निर्वाचित हुये. यूपी की बीजेपी सरकार ने 10 मे से 2 विधायकों को योगी सरकार मे मंत्री भी बनाया . कोरी समाज की राजनैतिक जागरूकता और सामाजिक एकता पर ”न्यूज 85 डाट इन” की सब एडिटर नीति वर्मा ने कोरी समाज के प्रमुख संगठन वीरांगना झलकारी बाई विकास समिति के संरक्षक गौरी शंकर जी से बातचीत की-

1-कोरी समाज की  उत्पति कैसे हुई ?

गौरीशंकर- कोरी समाज की उत्पति 20 हजार साल पहले कामध रृषी से हुई. हमारे पूर्वज बहुत ज्ञानी थे, उन्होने कपास का निर्माण किया और इस काम को आगे बढ़ाया. यह हमारा पैतृक व्यवसाय है. कपास की सबसे ज्यादा खेती सूरत मे होती है. कोरी एक बुनकर जाति है.
 जो कि उत्तर भारत के सभी जनपदों में निवास करती है। यह अलग-२ स्थानों पर अलग-२ नामों से जानी जाती है जैसे- भुइयार, कोली, तंतवाय, हिन्दू जुलाहा, कबीर पंथी आदि। गौतम बुद्ध कोरी समाज से हैं. झलकारी बाई भी कोली समाज की है.इन्होने देश के लिए बहुत सी कुर्बानियां दी है. जिससे हमारे समाज को और पूरे देश को आजादी मिली है.

2- भारत मे कहां-कहां सबसे ज्यादा आपकी जनसंख्या है?

गौरीशंकर- वैसे तो हमारी जनसंख्या पूरे भारत मे है लेकिन सबसे ज्यादा दक्षिण भारत मे है . इसके अलावा यूपी और एमपी मे भी हमारी काफी संख्या है. यूपी मे बुंदेलखंड के सभी जिलों मे, इसके अतिरिक्त अमरोहा, जालौन, इटावा आदि मे भी कोरी समाज काफी संख्या मे है. मै अापके चैनल के माध्यम से यह कहना चाहुंगा कि यूपी मे कोरी समाज को एससी सर्टिफिकेट दिया जाता है पर कोली जाति को नही दिया जाता. कोली जाति को पिछडे वर्ग मे शामिल किया गया है लेकिन कोरी और कोली एक ही जाति है. हमारी उत्पति कोली जाती से ही है. दिल्ली, पश्चिमी यूपी, हाथरस, और कई जगह कोली ही लिखा जाता है.

3-कोरी समाज मे महानायक कौन-कौन थे?

गौरीशंकर- हमारे समाज मे कई महानायक हैं.  झलकारी बाई, महात्मा गौतम बुद्ध कोरी समाज से है. महात्मा गौतम बुद्ध को लोग क्षत्रिय समझते है लेकिन वह कोरी समाज से आते है. गौतम बुद्ध जी की भारत मे मान्यता कम कर दी गई है. जबकि पूरे विश्व मे उनका गुण गान हैं . कबीर जी भी हमारे समाज के है. पूरा समाज पूरा देश उनके बताये हुये पथ चिन्हो पर चल रहा है.

4- अापके पैतृक व्यवसाय के बंद होने का क्या कारण है ?

गौरीशंकर- देश की अाजादी के बाद, कुछ दिनों तक हमारा पैतृक व्यवसाय  चला, लेकिन फिर बंद हो गया.जब देश आजाद हुअा तब हमारी जनसंख्या अनपढ़ थी. बाबा साहब ने इसलिए सविधांन बनाया था तकि वह पिछड़े और दलितो को आगे कर सके. पं.जवाहर लाल नेहरु ने और महात्मा गॉधी ने कसम खाई थी कि बुनकर व्यवसाय को दस साल मे आगे बढ़ाएगें लेकिन ऐसा कुछ नही हुआ.जो कपड़ा बुनने की मिले थी उनका एडमिनिस्ट्रेशन ही खराब था, सरकार ने मिलो को बदं कर दिया.प्रधानमंत्री मोदी जी ने हमारे व्यवसाय को सम्मान देने के लिए कहा है लेकिन अभी तक कुछ किया नही है.

5-कोरी सगंठन बनाने का उदेश्य क्या है ?

गौरीशंकर- कोरी सगंठन बनाने का उदेश्य यह है कि जो हमारे समाज के लोग बिखरे हुऐ है उन्हे एक कर सके. कोरी समाज मे बहुत सारी उपजातियां हैं उन सभी को इकट्ठा करके उन्हे सगंठित करना है. अभी तक हमारे समाज को हमारी जनसंख्या के अनुपात मे राजनैतिक  भागीदारी नही मिली है.

6- कोरी समाज के 10 िवधायक हैं, यूपी की बीजेपी सरकार ने 10 मे से 2 विधायकों को योगी सरकार मे मंत्री भी बनाया गया है ,फिर भी आप राजनैतिक भागीदारी की बात कर रहें हैं?

गौरीशंकर- कोरी समाज के जो 10 िवधायक हैं, वे अभी राजनैतिक पार्टी से आये है, हमारे समाज के संगठन से नही है. जब समाज के सगंठन से विधायक   आयेगें तो वो कहेंगें कि वो कोरी समाज से आया है तब वह कोरी समाज के काम भी करेंगे.

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10 comments

  1. यह व्यक्ति राजनीति के लिए गलत इतिहास पेश कर रहा है । कोलिओ को दलित बनाना छह रहे है राजनीतिक लोग ।
    कोली क्षत्रिय वंश से है जिसके प्रमाण आपको नेट पर और प्राचीन किताबो में मिल जाएंगे ।
    कोली राजपूत इष्वांकु वंसज है राजनीतिक लोगो ने इन्हें उत्तरप्रदेश में दलित बना दिया और रामनाथ कोविंद जी को दलित कोरी बना कर पेश किया , कोली भगवान् मांधाता के वंसज जिनकी 25वि पीढ़ी में भगवान् राम का जन्म हुआ इसके साक्ष्य आपको मोहनजोदारो में मिल जाएंगे ।
    भगवान् बुद्धा कोलिय कुल में जन्मे एक क्षत्रिय थे पर उन्होंने बाद में खुद का अलग धर्म बना लिया।

    • rajneesh ji uttar pradesh ke kori jati ke logo ko apana itihas ka pata nahi mujhe khud aaj tak apane pariwar walo se kuch nahi pata chala mere parents grandparents aur unake parents ko bhi nahi pata jisake karan hume dalit achoot kahakar apamanit kiya jata raha ye to kuch nahi isase bhi jyada maine achoot jiwan bitaya hai maine bachapan me fir ye achanak se hamara itihas kaha se aa gaya aaj se 10 ya 15 sal pahale to aisa koi bhi praman nahi tha fir ye kaha se aa gaya

      JO BAT AAP LIKH RAHE HAI KI ( कोली भगवान् मांधाता के वंसज जिनकी 25वि पीढ़ी में भगवान् राम का जन्म हुआ इसके साक्ष्य आपको मोहनजोदारो में मिल जाएंगे ।)RAM HAMARE VANSAJ HAI RAM KSHITRIYA HAI AGAR HUM KSHITIYA HAI TO HAME KYO NAHI PATA KSHITRIYO KO PATA HAI KI WO THAKUR HAI HAME KYO NAHI PATA SAMAJ ME HAR JATI KA ITIHAS SADIYO KA HAI HAMARA NAHI KOI BHI HAMARI JATI ME BHAROSA NAHI KAREGA KI HUM KSHITRIYA HAI………….

  2. Koli Or Kori Are Descendants Of Maharaja Anjana Koliya Of Devdaha Kingdom And Maharaja Mandhata.
    Maharajas Of Jawhar State Was Koli, Tanaji Malusare Was A Koli He Was Koli Deshmukh Of Mahabaleshwar State And Commander Of Maratha Army, Yesaji Kank Was A Koli And He Was Commander In Chief In The Maratha Army, Nag Naik King Of Kondana Was Koli, Kings Of Surgana State Was Koli, Vegda Bhil King Of Dron Was Koli, Maharaja Perumbidugu Mutharaiyar Was Koli, Maharaja Karikala Chola Was Koli, Maharaja Madakari Nayaka Was Koli, Maharaja Erikal Muthuraja Was Koli, Chempil Arayan Was Koli, Veer Pandya Was Koli, Rooplo Kolhi Was Koli, Jhalkari Bai Was Koli, Udham Singh Was Koli, Raghoji Bhangre Was Koli, Ramji Bhangre Was Koli, Laya Patil Was Koli, Hathi Sord Maharaja Of Idar State Was Koli, Ratnaji Thakor And Rangaji Thakor Was Kolis, Bhagwan Dass Mahaur Was Koli, Sekho Naik Was Koli, Maharaja Amoghbhuti Of Kuninda Kingdom Was Koli, Raja Jhagad Singh Negi Of Koligad Was Koli.

    • श्रीराम वर्मा

      जात्याभिमान मात्र हमारे जीवन का आधार नहीं बना रह सकता….हमें असीम शील के साथ अनवरत दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाते हुए, संघर्ष करते रह कर, आगे बढ़ना होगा…..

  3. Mor singh koli advocate

    Mla ki list jari karein jisese u.p kori samaj ko jankari ho jave

  4. Shakya caste or koli caste m difference
    Shakya vansh.
    1-jayasen shakya
    2- sihahanu shakya
    3- shiddhodana Shakya
    4- Gautam Buddha(siddharth)

    Koli vansh
    1-Anjana
    2-Maya , prajapati gautami
    3- yashodhara

    Shiddhodana Shakya ki married Maya, Prajapati gautmi (maya, prajapati gautmi dono sisters h jo Koli family se aati thi) uske baad gautam Buddha (siddharth) huye prajapati gautami hone ke karan unka name gautam buddha pada gautam buddha Shakya ki married yasodhara se hui yasodhara ek koli family se belong krti h or is tarah se koli shakya se judne lage

  5. कोली ओर कोरी दोनो एक हे
    लेकिन अभी कुछ लोग दिल्ली जेसे महानगर में कम ही लोग हमारी जाति को जानते हे।
    वयोकि कुछ लोग आपनी जाति को छुपाते हे।
    मेने देखा है कि जब हम अपने भाई बहनों की शादी की बात कही करते है तो पता चलता है कि ऐ लोग तो कोली, कोरी जाति के हे आपनी जाति के हे नही तो शहरों में लोग आपनी जातियों को छिपा कर राखते हे ओर तो ओर किसी ओर कि जाति का साहरा लेकर रहे ते हे।
    जो कि नही होना चाहिये हम जो हे वो ही लिखना चाहिए।
    जिससे कि आपने जाति के लोगों की पेहचान हो सकें समाज को भी पता लगना चाहिए कि कोली कोरी का थी समाज हे।
    दिल्ली ओर फरीदाबाद हरियाणा के लोगो से केहना चाहुँगा कि आप लोग आपनी जाति को आगे प्रचार करो देश को ओर जातिओ को भी पता चाले कि कोली कोरी जाति हे समाज हे

  6. Mai chahata hu ki kori Samaj Jagruk Ho aur vikash kare

  7. Mai chahata hu ki kori Samaj Jagruk Ho कोली क्षत्रिय वंश से है जिसके प्रमाण आपको नेट पर और प्राचीन किताबो में मिल जाएंगे ।
    कोली राजपूत इष्वांकु वंसज है राजनीतिक लोगो ने इन्हें उत्तरप्रदेश में दलित बना दिया और रामनाथ कोविंद जी को दलित कोरी बना कर पेश किया , कोली भगवान् मांधाता के वंसज जिनकी 25वि पीढ़ी में भगवान् राम का जन्म हुआ इसके साक्ष्य आपको मोहनजोदारो में मिल जाएंगे ।
    भगवान् बुद्धा कोलिय कुल में जन्मे एक क्षत्रिय थे पर उन्होंने बाद में खुद का अलग धर्म बना लिया। vikash kare

  8. कोरी या कोली ये एक क्षत्रिय वंश है ये आदमी गलत ढंग से बात बता रहा है शायद मुफ्त का माल और राजनैतिक लाभ के लिए क्या इसने इतिहास नहीं पढ़ा

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