अग्निवीर को चार साल मगर नेतावीरों के लिये 80 साल भी कम : राकेश टिकैत

बाराबंकी, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर तंज कसते हुये कहा कि देश की सरहद की सुरक्षा करने वाले अग्निवीरों को सिर्फ चार साल अपनी योग्यता दिखाने के लिये मिलते हैं वहीं दूसरी ओर नेतावीर 80 साल की उम्र में भी न सिर्फ चुनाव लड़ सकते हैं बल्कि पेंशन और अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठाते हैं।

किसान नेता मुकेश सिंह की पांचवी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद राकेश टिकैत ने पत्रकारों से बातचीच में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज किसानों की आय तो दोगुनी नहीं हुई, लेकिन महंगाई जरूर दोगुनी हो गई है। राजा का काम है बहकाना। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने भी जनता को बहकाने का काम किया। राजा के बहकावे में जनता भी आ गई।

उन्होंने अग्निवीर योजना की आलोचना करते हुए कहा कि आज अग्निवीर चार साल और नेतावीर 80 साल तक सत्ता में रहते हैं और बाद मैं उनको पेंशन भी मिलती है जबकि अग्निवीर को चार साल बाद निकाल दिया जाता है।

कांग्रेस के घोषणा पत्र में किसानों के कर्जा माफ करने के वादे को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने किसानों के मुद्दे को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया है। किसानों के मुद्दे सभी राजनीतिक दलों की मजबूरी है। क्योंकि जिसकी भी सरकार आएगी, उसे कर्जा माफी के साथ-साथ एमएसपी गारंटी कानून जैसे मुद्दों को छूना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2014 में कहकर आये कि यह सरकार भारतीय जनता पार्टी की है। लेकिन यह सरकार बीजेपी की नहीं है। अगर यह सरकार किसी राजनीतिक दल की होती तो काम जरूर करती। यह सरकार पूंजीपतियों का गैंग है। पूंजीपतियों ने पहले भाजपा पर कब्जा किया। फिर भाजपा ने देश पर कब्जा कर लिया। इसलिये यह सरकार भाजपा की नहीं बल्कि पूंजीपतियों की है। आने वाले समय में किसान, आदिवासियों, दुकानदारों, मजदूरों का क्या हाल होगा। यह समय बताएगा।

राकेश टिकैत ने कहा कि अब तक युवा सेना में कम से कम 15 साल तक सेवा दे सकते थे और रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी मिलती थी, लेकिन नई योजना के तहत जब वो रिटायर होंगे तो उन्हें बिना पेंशन के ही अपने घर लौटना होगा। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद 80 साल की उम्र तक चुनाव लड़ सकते हैं और उसके बाद उन्हें पेंशन भी मिलती है। लेकिन अग्निवीर योजना में चार साल की सेवा के बाद भी युवाओं को पेंशन नहीं मिलेगी।