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खलनायकी के बेताज बादशाह थे अमजद खान

amzad-khanमुंबई ,बॉलीवुड की ब्लॉक बस्टर फिल्म शोले के किरदार गब्बर सिंह ने अमजद खान को फिल्म उद्योग में सशक्त पहचान दिलायी लेकिन फिल्म के निर्माण के समय गब्बर सिंह की भूमिका के लिये पहले डैनी का नाम प्रस्तावित था। लेकिन उस समय धर्मात्मा में काम करने की वजह से उन्होंने शोले में काम करने से इन्कार कर दिया। शोले के कहानीकार सलीम खान की सिफारिश पर रमेश सिप्पी ने अमजद खान को गब्बर सिंह का किरदार निभाने का अवसर दिया।

12 नवंबर 1940 जन्में अमजद खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनके पिता जयंत फिल्म इंडस्ट्री में खलनायक रह चुके थे। अमजद खान ने बतौर कलाकार अपने अभिनय जीवन की शुरुआत वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ से की।

वर्ष 1986 में एक दुर्घटना के दौरान अमजद खान लगभग मौत के मुंह से बाहर निकले थे और इलाज के दौरान दवाइयों के लगातार सेवन करने से उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आती रही। उनका शरीर लगातार भारी होता गया। नब्बे के दशक में स्वास्थ्य खराब रहने के कारण अमजद खान ने फिल्मों मे काम करना कुछ कम कर दिया ।

अपने फिल्मी जीवन के आखिरी दौर में वह .अपने मित्र अमिताभ बच्चन को लेकर फिल्म ‘लंबाई चैड़ाई’  नाम से फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन उनका यह ख्वाब अधूरा ही रह गया। अपनी अदाकारी से लगभग तीन दशक से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने वाले अजीम अभिनेता अमजद खान 27 जुलाई 1992 को इस दुनिया से रूखसत हो गये।

 

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