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जिम्मेदार पत्रकारिता पर ध्यान दे पत्रकार- रवीश कुमार को जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर पुरस्कार

pressमुंबई,केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खबरों की छपाई और टीवी पर प्रसारण से पहले आंकड़ों की सत्यता सुनिश्चित करने की अपील की है । गोयल ने कहा कि 24 गुणा 7 की ब्रेकिंग न्यूज खोजने या हर मुद्दे को सनसनीखेज बनाने के बजाय, आपको सही आंकड़ों वाली जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए उन्होंने कहा, यह वाकई हमें सार्वजनिक जीवन में लोगों के साथ जुड़ने में, सरकार के साथ जुड़ने में और जनता को विश्वास देने में मदद करेगा।गोयल मंगलवार रात मुंबई प्रेस क्लब द्वारा एनसीपीए में आयोजित रेडइंक पुरस्कार समारोह में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन न्यूज मीडिया के लिए एक व्यवहारिक विकल्प पर काम किया जाना चाहिए ताकि निष्पक्ष खबरों के रास्ते में आर्थिक हित न आएं। चर्चा में शामिल एनडीटीवी के रवीश कुमार को जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर पुरस्कार मिला। रवीश ने आरोप लगाया कि पत्रकारों पर बोले जा रहे हमले राजनीतिक रूप से नियोजित हैं। उन्होंने कहा, ये लोग पत्रकारों की एक संगठित तरीके से लगातार बदनाम कर रहे हैं और एक तरह से आप पर हमला बोल रहे हैं। मैं इसे संगठित इसलिए कह रहा हूं क्योंकि कुछ हद तक हर कोई ऐसा कर रहा है। लेकिन जो सरकार के साथ हैं, उनके पास निश्चित तौर पर ज्यादा ताकत है। यदि हम इसे स्वीकार कर लेते हैं तो इससे हमारे पेशे के साथ-साथ राजनीतिक संस्कृति को भारी नुकसान होगा। दिवंगत पत्रकार जगेंद्र सिंह को मृत्योपरांत रेड इंक वीर पत्रकार पुरस्कार से नवाजा गया। अन्य 24 पत्रकारों को भी पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मीडियाकर्मियों पर हमलों की शिकायतों की पृष्ठभूमि में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि पत्रकार अकेले ऐसे संदेशवाहक नहीं हैं, जिन्हें निशाना बनाया जा रहा है। अब समय आ गया है कि सभी पक्षकार अपनी-अपनी भूमिकाओं पर विचार करें। गोयल ने कहा, पत्रकार अकेले संदेशवाहक नहीं हैं, जिनपर हमला किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि समाज का एक वर्ग पत्रकारों या पत्रकारिता के खिलाफ लामबंद हो गया है। मुझे लगता है कि हम सभी को समाज के समग्र मापदंडों पर गौर करना होगा जो आज की राजनीति, पत्रकारिता और लोकसेवा से जुड़े हैं। आखिरकर कोई व्यक्ति जो कुछ अखबार, पत्रिका, 24गुणा7 ब्रेकिंग न्यूज वाले टीवी चैनलों में लिखता, पढ़ता या दिखाता है, उसमें पूरे समाज का प्रभाव होगा। उन्होंने कहा, संभवतः इस तंत्र में हम सभी के लिए सभी पक्षकारों के लिए यह समय आ गया है कि हम बैठें और अपनी स्थितियों एवं भूमिकाओं का पुनः आकलन करें।

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