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बीएफआई की मान्यता का मसला फिर लटका

bfiचेन्नई, नवगठित भारतीय मुक्केबाज महासंघ का भारतीय ओलंपिक संघ  से मान्यता हासिल करने का मसला फिर से लटक गया है क्योंकि आईओए ने कहा कि वह अंतिम फैसला करने से पहले पूर्व संस्था आईएबीएफ से मशविरा करेगा। आईओए अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने यहां वाषिर्क आम सभा की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि बीएफआई को मान्यता देने के मसले पर तीन सदस्यीय समिति पूर्व संस्था भारतीय एमेच्योर मुक्केबाज महासंघ के साथ मशविरा करेगी। आईएबीएफ की मान्यता अंतरराष्ट्रीय संस्था एआईबीए ने चुनावों में धांधली के संदेह में 2013 में खत्म कर दी थी लेकिन आईओए ने मुक्केबाजी के लिये राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में उसकी मान्यता बरकरार रखी।

रामचंद्रन ने कहा, अभी मुक्केबाजी के लिये मान्यता प्राप्त संस्था आईएबीएफ है। हमारे एक खेल के लिये दो मान्यता प्राप्त संस्थाएं नहीं हो सकती हैं। इसलिए आईओए पहले आईएबीएफ को लिखेगा और उन्हें बीएफआई के दावे से अवगत कराकर उनके विचार जानेगा। उन्होंने कहा, नैसर्गिक न्याय के तहत यह प्रक्रिया अपनायी जा रही है जहां हम उनके विचार और स्पष्टीकरण जानेंगे जिससे हमें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। एक बार इसका पता चलने के बाद आईओए इस पर अपनी राय देगा। सूत्रों ने हालांकि कहा कि आईओए अब बीएफआई को मान्यता देने पर विचार कर रहा है।

सूत्रों ने कहा, आईओए ने आईएबीएफ ने पूछा है कि क्या वह बीएफआई को मान्यता देने का विरोध करेगा क्योंकि उसे एआईबीए और खेल मंत्रालय दोनों की मान्यता हासिल है। चौटाला दिसंबर 2012 से लेकर फरवरी 2014 तक आईओए अध्यक्ष रहे थे। तब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने उसे निलंबित कर रखा था। रामचंद्रन ने इसके साथ ही महासंघों से अपने आपसी विवाद अदालत में ले जाने के बजाय स्वयं निबटाने के लिये भी कहा। उन्होंने कहा कि आईओए इस मामले में कड़ा रवैया अपनाएगा और उसने यहां तक विवादित राष्ट्रीय खेल महासंघों के खिलाड़ियों के नाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिये नहीं भेजने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि महासंघों को सहयोग करना चाहिए और अदालत जाने के बजाय आईओए विवाद समिति की मदद लेकर मामलों को खुद सुलझाना चाहिए।

एजीएम से पहले सुबह कार्यकारी समिति की बैठक में तीन सदस्यीय विवाद समिति गठित करने का फैसला किया गया। इसमें वीरेंद्र नानावती (वरष्ठि उपाध्यक्ष), राजीव मेहता (महासचिव) और अनिल खन्ना (कोषाध्यक्ष) शामिल हैं। यह समिति विवादों से घिरे सभी महासंघों से बात करेगी। इसके अलावा आईओए ने गोवा को 2017 के राष्ट्रीय खेल नवंबर में करवाने के लिये और अवसर देने का भी फैसला किया। रामचंद्रन ने इसके बाद 2019 के राष्ट्रीय खेल छत्तीसगढ़ जबकि उसके बाद उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश में आयोजित किये जाएंगे। रामचंद्रन ने कहा, हमें इस मसले पर भारत सरकार और ओसीए से विचार विमर्श करना होगा। आम सभा ने रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को 30 लाख रूपये देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने कोच पी गोपीचंद के बदले भी 15 लाख रूपये का पुरस्कार लिया। अन्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक यहां नहीं पहुंच पायी लेकिन उनके रजत पदक के लिये 20 लाख रूपये का पुरस्कार उनकी मां ने हासिल किया।

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