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केंद्रपाड़ा,ओड़िशा में आहेल हदीस समुदाय की मुस्लिम महिलाओं ने पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए शनिवार को ईद के उपलक्ष्य में रानपाड़ा-कचेरी मार्ग स्थित मस्जिद मोहम्मदी में विशेष नमाज अदा की।
महिलाओं को विशेष नमाज अदा करने में मदद करने के लिए मस्जिद मोहम्मदी में विशेष व्यवस्था की गई थी। जहां मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिद में ईद की नमाज अदा की, वहीं पुरुषों ने मस्जिद मोहम्मदी के पास स्थित ईदगाह में नमाज अदा की। अहल-हदीस समुदाय की महिलाओं को छोड़कर अल्पसंख्यक समुदाय की अन्य महिलाओं ने अपने घरों में ईद की नमाज अदा की।
मस्जिद मोहम्मदी के हाफ़िज़ मोहम्मद साहिद ने कहा,“हमें मस्जिद में महिलाओं के आने और ईद पर नमाज़ अदा करने में कुछ भी गलत नहीं लगता है। जब वे नमाज अदा कर रही थीं तो पुरुषों पर सख्त पाबंदी थी। अगर महिलाएं मक्का और मदीना की तीर्थ यात्रा कर सकती हैं तो उन्हें निश्चित रूप से मस्जिद में नमाज अदा करने का अधिकार है।”
उन्होंने कहा कि इस बिंदु पर हमें मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश का विरोध नहीं करना चाहिए। यह महिलाओं के सशक्तिकरण का मामला है।
इस मौके पर कई राजनेता भी मुस्लिम बहुल गांवों और मोहल्लों में जाकर मुस्लिम भाइयों को ईद की बधाई देते नजर आए।
पुलिस ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिले में ईद के जश्न के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए जिले में कानून व्यवस्था बढ़ा दी है।
केंद्रपाड़ा के पुलिस अधीक्षक मडकर संदीप संपत शनिवार सुबह स्थिति की निगरानी करते नजर आए।
हिंदुओं ने भी ईद के मौके पर मुस्लिमों को बधाई दी और उनके घर गए।