मुख्तार अंसारी के नाम पर, मायावती ने बदली अपराधियों की परिभाषा

mayawatiलखनऊ, समाजवादी पार्टी से विधानसभा चुनाव टिकट की नाउम्मीदी मिलने के बाद माफिया-राजनेता मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल का आज बहुजन समाज पार्टी में विलय कर दिया । मुख्तार अंसारी के बसपा मे शामिल होते ही अपराध और अपराधियों को लेकर बसपा प्रमुख मायावती  के सुर बदल गये।   बसपा प्रमुख मायावती ने न केवल उसके आपराधिक चरित्र का बचाव किया बल्कि उसे चुनाव के तीन टिकट दे दिये।

मायावती ने अंसारी परिवार का बचाव करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने छवि खराब करने के लिये इस खानदान के लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाया है। मायावती ने जेल में बंद विधायक मुख्तार अंसारी का बचाव करते हुए कहा कि उनका नाम भाजपा विधायक कृष्णानन्द राय हत्याकांड मामले में आया था, जिसकी सीबीआई जांच हो रही है। इस मामले में सीबीआई के पास उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि अंसारी परिवार के खिलाफ किसी के पास कोई सुबूत नहीं है, इसीलिये उनकी पार्टी का बसपा में विलय किया गया है।उन्होंने कहा अंसारी बंधु पूर्व में भी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन सपा के दबाव में उन्होंने यह पार्टी छोड़ दी थी।

 बसपा मुखिया मायावती ने कौएद अध्यक्ष अफजाल अंसारी के साथ शाम को आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कौमी एकता दल का बसपा में बिना शर्त विलय कर लिया गया है।मायावती ने कहा कि मऊ से मौजूदा विधायक मुख्तार अंसारी को इसी सीट से, मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी को घोसी सीट से तथा उनके भाई सिबगतउल्ला अंसारी को मुहम्मदाबाद यूसुफपुर सीट से बसपा का टिकट दिया गया है।

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