सहारनपुर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज सहारनपुर में हैं। अखिलेश यादव, गुर्जरों के बड़े नेता रहे चौधरी यशपाल सिंह की जयंती समारोह मे भाग लेने पहुंचे हैं। जयंती समारोह मे पश्चिम यूपी के गुर्जर समाज के बड़े-बड़े नेता शिरकत कर रहें हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आज का सहारनपुर दौरा कई मायनों मे खास है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद, यह दौरा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समाजवादी पार्टी को मजबूत करने के अभियान की अहम कड़ी है।
पश्चिम यूपी मे सपा सबसे कमजोर स्थिति मे है। यहां जाटों, दलित और मुसलमानों के अलावा गुर्जरों की अच्छी संख्या है। यादव यहां पर कम संख्या मे हैं। जाट, आरएलडी और बीजेपी के साथ हैं। दलित बीएसपी की तरफ हैं। मुसलमान सपा के साथ है पर और कोई बड़ा तबका साथ न होने से सपा कमजोर है। एेसे मे अगर, गुर्जरों का साथ मिल जाये तो सपा पश्चिम यूपी फतेह कर सकती है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिये मौका भी अच्छा है। गुर्जर समाज इस समय योगी सरकार से खासा नाराज है। योगी सरकार में गुर्जरों की उपेक्षा हो रही है। योगी सरकार में किसी गुर्जर को मंत्री नहीं बनाया गया है। जबकि पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार मे गुर्जर समाज के कई मंत्री थे।अखिलेश सरकार मे गुर्जर अफसरों को बेहतर तैनाती मिली थी। अखिलेश यादव ने डीजीपी भी गुर्जर को रखा।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुर्जर समाज के पहले आईपीएस अफसर, देवराज नागर को डीजीपी बनाकर गुर्जरों का सम्मान किया।
योगी सरकार से, पहले से ही नाराज चल रहे, गुर्जर समाज के लिये हाल ही मे नोएडा में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बागपत के सुमित गुर्जर की मौत ने आग मे घी का काम किया है। गुर्जर समाज के नेताओं ने योगी सरकार के खिलाफ तीन दिन तक शव रखकर बागपत में आंदोलन किया। पश्चिम यूपी के कई जिलों मे सपा दो दिन से इस मुद्दे को लेकर मशाल जुलूस निकाल चुकी है।
इसलिये गुर्जर नेता चौधरी यशपाल सिंह की जयंती समारोह मे भाग लेकर अखिलेश यादव ने गुर्जर समाज के साथ हर दुख मुसीबत मे खड़ा रहने का बड़ा संदेश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पश्चिम यूपी मे समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की यह रणनीति कितनी कारगर होगी यह आने वाला समय बतायेगा।