अमनमणि त्रिपाठी को जेल से ही वोट डालना होगा, पैरोल अर्जी खारिज

amanmani-tripathiलखनऊ,  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को अमनमणि त्रिपाठी को बड़ा झटका देते हुए उसकी पैरोल अर्जी खारिज कर दी है। अमनमणि ने कोर्ट से चुनाव प्रचार के लिए पेरोल मांगी थी, लेकिन अब अदालत के इनकार के बाद उसे इसका मौका नहीं मिलेगा। हाईकोर्ट में सोमवार को अमनमणि त्रिपाठी की पैरोल याचिका पर सुनवाई हुई जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया। अमनमणि त्रिपाठी ने चुनाव प्रचार और वोट देने के लिए पैरोल मांगी थी।

अदालत ने कहा अमनमणि को जेल से ही वोट डालना होगा। अमनमणि की जमानत अर्जी पर अब आठ मार्च को सुनवाई होगी। इसकी सुनवाई जस्टिस विपिन सिन्हा की कोर्ट में हुई है। गौरतलब है कि पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का बेटा अमनमणि अपनी पत्नी सारा की हत्या के आरोप में गाजियाबाद की डासना जेल में बन्द है। पिछले साल फिरोजाबाद नेशनल हाई-वे पर एक कार एक्सीडेंट में सारा सिंह की मौत हो गई थी। इस हादसे में अमनमणि त्रिपाठी को कुछ भी नहीं हुआ था। इस मामले में सारा की मां सीमा सिंह की शिकायत के आधार पर अमनमणि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से ही अमनमणि न्यायिक हिरासत में है। इससे पहले उसे समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन बाद में उनका नाम काट दिया गया। इसके बाद अमनमणि ने निर्दलीय चुनाव में उतरने का फैसला किया। वहीं इस वजह से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमनमणि पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने अमनमणि के साथ ही उसके सहयोगियों पूर्व विधायक श्याम नारायण त्रिपाठी, सुधीर त्रिपाठी, अजीत मणि त्रिपाठी, राजेश्वर मणि त्रिपाठी, जमाल अहमद और गुड्डू खान को भी पार्टी से बाहर कर दिया था। वहीं अमनमणि के चुनाव प्रचार की कमान उसकी दोनों बहनें संभाल रही हैं। अलंकृता मणि पहले से ही अपने सजायाफ्ता भाई के लिए चुनाव प्रचार कर रही थी, लेकिन बाद में दूसरी बहन तनुश्री मणि भी लन्दन से आकर जनता के बीच अमनमणि के लिए वोट मांगने में जुटी गईं। अमनमणि की पैरोल अर्जी खारिज होने के बाद दोनों बहनों के जिम्मे ही चुनाव प्रचार की पूरी कमान होगी।

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