अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद पर समीक्षा बैठक की

नयी दिल्ली, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने राज्य में विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक भी उपस्थित थे।
अमित शाह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त सुरक्षा-केंद्रित रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि नक्सली वित्त पोषण के खिलाफ कार्रवाई, बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति ने वामपंथी उग्रवाद को काफी कमजोर कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च से पहले नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, जिसे कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माना जाता था, अब केंद्र-राज्य समन्वय के तहत विकास के प्रतीक के रूप में उभरा है।
अमित शाह ने उल्लेख किया कि राज्य के युवा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करते हुए खेल, फोरेंसिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह समस्या अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच कड़े समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शेष नक्सली तत्वों को पड़ोसी राज्यों में भागने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर मजबूत प्रगति दिखाई है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास और कल्याण के समान अवसर मिलने चाहिए।





