अवैध धर्मांतरण केस में बड़ी कार्रवाई, यूपी एटीएस ने नागपुर से ईदुल इस्लाम को दबोचा

लखनऊ/नागपुर, उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण से जुड़े बड़े मामले में यूपी एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। एटीएस टीम ने एक दिन पूर्व शनिवार को महाराष्ट्र के नागपुर से ईदुल इस्लाम नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी छांगुर उर्फ जलालुद्दीन के कथित अवैध धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद एटीएस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ला रही है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।

एटीएस के अनुसार आरोपी नागपुर के आसी नगर क्षेत्र का निवासी है और उसके खिलाफ एटीएस थाने में दर्ज मुकदमे में कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इसमें धारा 121ए (देश के खिलाफ साजिश), 153ए (सांप्रदायिक विद्वेष फैलाना) सहित धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। इसके साथ ही आरोपी पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत भी कार्रवाई की गई है।

जांच में सामने आया है कि ईदुल इस्लाम नागपुर में ‘भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ’ नामक संगठन का संचालन कर रहा था। एटीएस का आरोप है कि इसी मंच के जरिए अवैध धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। बताया गया है कि संगठन में ईदुल ने छांगुर उर्फ जलालुद्दीन को अवध प्रांत का अध्यक्ष भी नियुक्त किया था, ताकि उत्तर प्रदेश में नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।

एटीएस जांच में यह भी सामने आया है कि ईदुल इस्लाम केवल संगठन से जुड़ा नाम भर नहीं था, बल्कि छांगुर के गिरोह का सक्रिय सदस्य था और सीधे तौर पर गतिविधियों में सहयोग कर रहा था। एजेंसी को दोनों के बीच बैंक ट्रांजैक्शन के पुख्ता प्रमाण भी मिले हैं, जिससे नेटवर्क की फंडिंग और विस्तार की पुष्टि होती है।

एटीएस के मुताबिक, विशेष न्यायालय एटीएस/एनआईए लखनऊ द्वारा ईदुल इस्लाम के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया था। इसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था। लंबे समय से निगरानी के बाद लोकेशन ट्रेस होने पर नागपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि ईदुल इस्लाम से पूछताछ के दौरान इस कथित सिंडिकेट से जुड़े नेटवर्क, फंडिंग और उत्तर प्रदेश में सक्रिय अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी सामने आ सकती है।

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