नयी दिल्ली ,चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को आचार संहिता उल्लंघन करने के मामले में जो नोटिस भेजा था, उसे वापस ले लिया है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 13 दिसंबर को नोटिस जारी किया था। उस संबंध मे चुनाव आयोग ने आज देर रात कांग्रेस को एक पत्र भेजा है जिसमे नोटिस वापसी की बात कही है।
राहुल गांधी की कांग्रेस अध्यक्ष के रूप मे शानदार ओपनिंग, कांग्रेस को मिला जबर्दस्त बहुमत
चुनाव आयोग ने गुजरात में अंतिम चरण के चुनाव का मतदान समाप्त होने से पूर्व की 48 घंटे की अवधि के दौरान कुछ टीवी चैनलों को साक्षात्कार देने और उसका प्रसारण होने के मद्देनजर नोटिस जारी किया था। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनसे 18 दिसंबर तक जवाब देने को कहा था।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के नोटिस का जबर्दस्त विरोध किया था।कांग्रेस की दलील थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के चुनाव आचार संहिता उल्लंघन पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने आज देर रात कांग्रेस को भेजे एक पत्र में कहा है कि राहुल गांधी को जारी किया गया नोटिस वापस लिया जा रहा है।आयाेग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता तथा जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 126 के प्रावधानों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बाद गुजराती चैनल जीएसटीवी को एक इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू के बाद राहुल गांधी पर यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने चुनाव संहिता का उल्लंघन किया है। आचार संहिता उल्लंघन करने के मामले में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को नोटिस दे दिया था। राहुल गांधी को 18 दिसंबर शाम 5 बजे तक इस नोटिस का जवाब देना था। चुनाव आयोग ने गुजरात के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर को निर्देश दिया था कि राज्य में उन सभी टीवी चैनलों के खिलाफ एफआईआर किया जाए, जिन्होंने राहुल गांधी का इंटरव्यू प्रसारित किया था।