आरएमएलआईएमएस में अत्याधुनिक कैथ लैब का उद्घाटन

लखनऊ, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (आरएमएलआईएमएस) में शुक्रवार को एक नई अत्याधुनिक कार्डियक कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला (कैथ लैब) का उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया ।
उद्घाटन के उपरांत मीडिया से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक क्षेत्र में उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण हृदय रोग उपचार सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कार्डियोलॉजी विभाग को आवश्यकता के अनुरूप सभी आधुनिक उपकरण, तकनीकी संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी मरीज को जीवनरक्षक हृदय उपचार के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े।
नवीन रूप से उद्घाटित यह कैथ लैब अत्याधुनिक इमेजिंग एवं इंटरवेंशनल तकनीकों से सुसज्जित है। इससे न केवल हृदय रोग संबंधी जांच और उपचार प्रक्रियाओं की प्रतीक्षा अवधि में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि कार्डियोलॉजी विभाग की समग्र कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में संस्थान में एक और नई कैथ लैब, दो ट्रेडमिल टेस्ट (टीएमटी) मशीनें, तीन उन्नत इकोकार्डियोग्राफी मशीनें तथा एक आईवीयूएस सिस्टम की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। इन सुविधाओं के जुड़ने से आरएमएलआईएमएस अत्याधुनिक हृदय उपचार केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त होगा।
उन्होंने संस्थान में सफलतापूर्वक संचालित स्टेमी कार्यक्रम की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से हार्ट अटैक के मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे मृत्यु दर में कमी और रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष के दौरान आरएमएलआईएमएस, लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग में रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो आम जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। इस अवधि में कार्डियोलॉजी ओपीडी में कुल 57,132 रोगियों की जांच की गई, जबकि 6,392 रोगियों को भर्ती कर उन्नत हृदय उपचार प्रदान किया गया। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवाओं के अंतर्गत विभाग द्वारा वर्ष भर में 4,748 कोरोनरी एंजियोग्राफी, 3,022 एंजियोप्लास्टी तथा 277 पेसमेकर प्रत्यारोपण किए गए। ये
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. भुवन चंद्र तिवारी, सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह, एमएस डॉ. अरविंद, कार्यकारी रजिस्ट्रार डॉ. सुब्रत चंद्र सहित कार्डियोलॉजी संकाय, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।





