नई दिल्ली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राहुल गांधी के उस बयान को लेकर उन पर सवाल उठाया है, जिसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा था कि वह इस संगठन को लेकर बोले गये अपने हर एक शब्द पर अब भी कायम हैं। आरएसएस ने सवाल खड़ा किया है कि कांग्रेस नेता अपने हलफनामे की बात कर रहे हैं या सार्वजनिक मंच पर बोले गये झूठ की। संगठन ने साथ ही उनसे माफी की मांग भी की।
आरएसएस के संचार विभाग के प्रमुख मनमोहन वैद्य ने संगठन के ट्विटर हैंडल पर कहा, मैं आरएसएस को लेकर कही गयी हर एक बात पर कायम हूं: राहुल गांधी। वह कौन से शब्द की बात कर रहे हैं, अदालत में दायर अपने हलफनामे की या सार्वजनिक भाषण में बोले गये झूठ की? संगठन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर कहा गया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को झूठ बोलना बंद करना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। फेसबुक पर एक पोस्ट में द स्टेट्समैन द्वारा वर्ष 2003 में दिये गये एक माफीनामा को उद्धत किया गया है। यह माफीनामा वर्ष 2000 के एक संपादकीय को लेकर कानूनी लड़ाई के बाद दिया गया था। आरएसएस ने कहा है, क्या राहुल गांधी और कांग्रेस सत्य का सम्मान करते हुए लिखित माफीनामा और ये गारंटी दे सकते हैं कि भविष्य में उनकी पार्टी और वह फिर झूठ नहीं बोलेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राहुल पर मानहानि का मुकदमा किया है और कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इस मामले को खारिज करने की मांग के साथ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।