आरबीआई ने लिया यू-टर्न, पैसे जमा कराने पर फिर जारी किया नया आदेश

नई दिल्ली, 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद केंद्र सरकार का यह पुराने नोटों के लेकर एक और यू-टर्न है.रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक दिन बाद ही अपने नियम में फिर से फेरबदल की है. इसमें कहा गया है कि पांच हजार से ऊपर रकम जमा करने पर कोई पूछताछ नहीं होगी. सरकार ने 48 घंटे के भीतर ‘एक बार में 5000 रुपए जमा करने की सीमा’ को लेकर जारी किया गया सर्कुलर वापस ले लिया है. अब 30 दिसंबर तक पुराने नियम अनुसार, 500 रुपए और 1000 रुपए के पुराने नोट, 5000 रुपए से कम या अधिक, जमा होते रहेंगे.
सरकार ने एक बार में एक खाते में पुराने नोटों में 5000 रुपए से अधिक की रकम की सीमा को खत्म कर दिया है.सरकार ने परसों यानी सोमवार को ऐलान किया था कि 30 दिसंबर 2016 तक 5000 रुपए से अधिक की रकम एक अकाउंट में एक ही बार जमा करवा सकेंगे. 5,000 रुपए से ज्यादा की रकम केवाइसी खातों में ही जमा हो पाएगी.
केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 500 और 1000 रुपये पुराने नोटों को बैंकों में जमा कराने को लेकर 19 दिसंबर को नए निर्देश जारी किए थे. इसके तहत कहा गया था कि 5000 रुपये से ऊपर की रकम एक बार ही जमा कराई जा सकेगी.लेकिन 5000 से अधिक के नोट जमा कराने पर खाताधारक को बैंक को लिखित में बताना पड़ता था इस पैसे का स्रोत क्या है और इसे अबतक क्यों नहीं जमा कराया. इससे बैंकों की भी मुश्किल बढ़ गई थी और उपभोक्ताओं की भी. अब आरबीआई ने इस फैसले को वापस ले लिया है.





