आवासीय योजनाओं की धीमी प्रगति पर नगर विकास मंत्री ने जताई नाराजगी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने आवासीय योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि आवासीय योजनाएं सीधे आम नागरिकों से जुड़ी होती हैं, इसलिए इसमें देरी जनहित के विपरीत है।
शुक्रवार को लखनऊ के संगम सभागार में नगर विकास विभाग की प्रमुख योजनाओं की भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरी विकास से जुड़ी योजनाएं शासन की प्राथमिकता हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और कार्यों का परिणाम धरातल पर साफ दिखाई देना चाहिए। समीक्षा के दौरान स्मार्ट सिटी मिशन, गौशाला, डॉग शेल्टर, आकांक्षी नगर योजना, वैश्विक नगरोदय योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना, सीएम ग्रिड योजना, स्मार्ट पालिका, पं. दीनदयाल नगरीय विकास योजना सहित अन्य परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
नगर विकास मंत्री ने सीएम ग्रिड योजना को निकाय स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। ए. के. शर्मा ने निर्देश दिया कि आवश्यक कार्यों से जुड़ी फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाएं। उन्होंने कहा कि निर्णय प्रक्रिया तेज कर योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में जल निकासी व्यवस्था, झील, तालाब, पोखर, वंदन एवं अंत्येष्टि स्थलों से जुड़े कार्यों में पुनर्विनियोग की आवश्यकता पर भी निर्देश दिए गए। वहीं कैडर रिव्यू और विभागीय कार्यवाहियों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने इन मामलों में भी शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद, सचिव/निदेशक नगरीय निकाय अनुज झा, सचिव/एमडी जल निगम रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव सूडा/जेएमडी जल निगम प्रवीण लक्ष्यकार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





