उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची जारी, दो करोड़ 89 लाख नाम हटे; दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम सूची छह मार्च को

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विस्तारित कार्यक्रम के अंतर्गत मंगवार को जारी नयी सूची के मसौदे में पिछली सूची के लगभग दो करोड़ 89 लाख (18.70 प्रतिशत) नाम हट गये हैं।

मसौदा सूची को लेकर छह फरवरी तक दाये और आपत्तियां दाखिल करायी जा सकेगी। इसके साथ ही अब अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस भी जारी कर सकते हैं जिनके बारे में जांच और कुछ प्रमाण की आवश्कता है। राज्य नयी सूची छह मार्च को प्रकाशित की जाएगी।

राज्य में चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर के लिए आधार बनायी गयी पिछली मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ थी जो आज जारी नयी सूची के मसौदे में 12.56 करोड़ रह गई है। मृत्यु, अनुपस्थिति, राज्य से स्थायी रूप से बाहर जाने या एक से अधिक जगह पंजीकृत पाये जाने के कारण लगभग 18.70 प्रतिशत नाम सूची से बाहर हो गये हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को सूची का मसौदा जारी की। गत 27 अक्टूबर को पूरानी सूची में प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता पंजीकृत थे। एसआईआर के लिए मतदाता गणना फार्म जमा करने की अवधि बढ़ाये जाने के बाद भी पिछली सूची में दर्ज मतदाताओं में से 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 के गणना-प्रपत्र प्राप्त हुए, जो पिछली सूची के कुल मतदाताओं का 81.30 प्रतिशत है।

नवदीप रिणवा ने कहा , ‘एसआईआर में चार नवंबर 2025 से शुरू किये गये गणना चरण शुरू होकर 26 दिसंबर 2025 तक 12 करोड़ 55 लाख (81.30 प्रतिशत) मतदाताओं के गणना-प्रपत्र प्राप्त हुए।’ उन्होंने बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारियों के घर-घर जा कर पुनरीक्षण किये जाने की प्रक्रिया में 46,23,796 (2.99 प्रतिशत) मतदाता मृत पाए गए और 79,52,190 मतदाताओं का कोई पता नहीं चला। इसके अलावा 1,29,77,472 मतदाता अन्यत्र जा चुके हैं तथा 25.47 लाख मतदाता ऐसे चिन्हित किए गए, जिनके नाम सूची में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे। ऐसे मामलों में मतदाता का नाम केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा और चुनाव आयोग के मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 15,430 नए मतदान स्थल तय किये गए हैं। इससे एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।

नवदीप रिणव ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया में सभी राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का सक्रिय सहयोग रहा। प्रदेश के सभी 75 जिलों में इन दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की गईं और उन्हें नयी मतदाता सूची के मसौदे की सॉफ्ट कॉपी एवं छपी प्रतियां उपलब्ध करा दी गयी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ इस प्रक्रिया में अब तक 1546 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

मसौदा सूची के जारी होने के साथ छह जनवरी से छह फरवरी-2026 तक मसौदा सूची पर दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। यदि किसी वैध मतदाता का नाम आज जारी नयी सूची के मसौदे में नहीं है तो वह फॉर्म-6, 6क, 7 एवं 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, उसमें संशोधन कराने का दावा या किसी नाम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। जिन मतदाताओं की पहचान नहीं लग सकी है उन्हें बीएलओ के माध्यम से इस दौरान नोटिस भेजे जाएंगे। ऐसे मतदाता इस अवधि में अपने माता–पिता के नाम सहित अपना विवरण सही करवा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस दौरान अब तक नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए 15 लाख 78 हजार 423 फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आयु पात्रता के अनुसार 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं के नाम इस सूची में शामिल होंगे, जबकि एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण करने वालों के नाम बाद में अक्टूबर माह में जोड़े जाएंगे। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद छह मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। घोषणा की कि प्रति बूथ 1500 से 1200 वोटर्स के हिसाब से पोलिंग बूथ को तर्कसंगत बनाने के बाद, अब राज्य में 15430 नए बूथ जोड़े गए हैं।

गत 30 नवंबर को जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश में मतदाता गणना प्रपत्रफार्म प्राप्त करने की तिथि 11 दिसंबर और मसौदा सूची प्रकाशन की तथि 16 दिसंबर रखी गयी थी। उसके अनुसार अंतिम सूची 14 फरवरी को जारी की जानी थी। चुनाव आयोग ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर गणना फार्म प्राप्त करने की तिथि बढ़ा 26 दिसंबर और सूची की मसौदा प्रकाशित करने की तथि 31 दिसंबर कर दी थी। 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जानी थीं तथा 31 दिसंबर से 21 फरवरी, 2026 तक उन पर नोटिस जारी किये जाने और उनका निस्तारण किया जाना था। उसके आधार पर अंतिम सूची 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जानी थी।

आयोग ने 30 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश में एसआईआर की समय-सारिणी में फिर बदलाव कर मसौदा सूची जारी करने की तिथि छह जनवरी की थी।

 

 

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