उप्र के 1.48 करोड़ विद्यार्थी बनेंगे पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक

लखनऊ, विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के लगभग 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में पोस्टर एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस राज्यव्यापी अभियान में करीब 1.48 करोड़ विद्यार्थी सहभागिता करेंगे।
ज्ञातव्य हो कि इस निमित्त सभी जनपदों को निर्देशित 16 जनवरी तक प्रतियोगिताओं का आयोजन सुनिश्चित करते हुए प्रतिभागी विद्यार्थियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने को निर्देशित किया जा चुका है।
यह आयोजन केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के निर्देश पर विश्व आद्रभूमि दिवस 2026 की थीम ‘आर्द्रभूमि व परंपरा ज्ञान-सांस्कृतिक धरोहर’ के अंतर्गत किया जाएगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्द्रभूमियों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के महत्व से जोड़ना है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों के करोड़ों विद्यार्थियों को प्रकृति और परंपरागत ज्ञान से जोड़ने का यह प्रयास नई पीढ़ी में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भाव विकसित करेगा। प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक शिक्षा के साथ पर्यावरणीय चेतना को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
निर्देशों के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। पोस्टर एवं स्लोगन ए-3 साइज की ड्राइंग शीट पर तैयार किए जाएंगे, जिसमें विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के रंगों के प्रयोग की अनुमति होगी।
छात्रों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रविष्टि के पीछे विद्यार्थी का नाम, कक्षा, विद्यालय का नाम, ई-मेल आईडी, प्रधानाध्यापक अथवा शिक्षक का नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा। साथ ही विद्यालय पहचान पत्र संलग्न करना भी आवश्यक होगा।
विद्यालय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं की जानकारी एवं चयनित प्रविष्टियों को मिशन लाइफ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इसके बाद चयनित पोस्टर एवं स्लोगन को निर्धारित समयसीमा के भीतर राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली भेजा जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा 10 प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में आयोजित की जा रही यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के साथ-साथ उन्हें आर्द्रभूमियों के संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराएगी। पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से छात्र पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुँचाने में सहभागी बनेंगे।





