एकेटीयू दीक्षांत समारोह में मेधावियों को मिलेंगे 88 पदक, शुभांशु शुक्ला के नाम पर लगी मुहर

लखनऊ, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में मंगलवार को सम्पन्न हुई कार्य परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को प्रदान किये जाने वाले पदक और डिग्रियों को अनुमोदन दिया गया। साथ ही समारोह के मुख्य अतिथि अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के नाम का भी अनुमोदन किया गया।

विवि के कुलपति प्रो जेपी पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित कार्यपरिषद की बैठक में कुल 88 पदक दिये जाने पर सहमति बनी। जिसमें 37 स्वर्ण पदक तो 26 रजत और 25 कान्स्य पदक हैं। साथ ही बैठक में चार नये राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, जिसमें आरईसी बस्ती, आरईसी, गोण्डा, आरईसी प्रतापगढ़ एवं आरईसी मिर्जापुर में नर्य इमर्जिंग पाठ्यक्रमों के संचालन को मंजूरी दी गयी। जिससे कि छात्र नई तकनीकी की पढ़ाई कर सकें। इसके अलावा बैठक में पिछले वित्त समिति के प्रस्तावों का अनुमोदन दिया गया। इसमें करीब 142 करोड़ रूपये के बजट पर चर्चा की गयी। साथ ही विभिन्न प्रस्तावों के लिए बजट तय किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के घटक संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ को 54 करोड़ का बजट को अनुमोदित किया गया।

फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग में धरोहर (ए रिपोसिटरी फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम आइकेएस सेंटर) बनाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इसके लिए 50 लाख रूपये का बजट तय किया गया है। साथ ही आईकेएस में माइनर कोर्स चलाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। बैठक में विश्वविद्यालय एवं घटक संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के कल्याण के लिए भी कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसमें कर्मचारी कल्याण कोष के तहत किसी भी कर्मचारी के मृत्यु पर 15 लाख रूपये, एनपीएस कर्मियों को राज्य सरकार के शासनादेश को अंगीकृत करते हुए मृत्यु पर पुरानी सुविधाओं का लाभ, महिला कर्मियों को शिशु देखभाल अवकाश, प्रसूति अवकाश, विभिन्न बीमा कंपनियों के जरिये कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए 10 लाख रूपये का निःशुल्क स्वास्थ्य चिकित्यकीय सुविधा, ब्याज रहित अग्रिम भुगतान सात लाख एवं दस लाख रूपये करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गयी।

इसके अलावा विश्वविद्यालय में विजिटिंग, डिजिन्स्टिगुइस एवं एमिरिट्स प्रोफेसर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार शुरू किये गये बीटेक पाठ्यक्रम के लिए भी बजट तय किया गया। सामाजिक कार्यों के तहत गोंद लिये गये गांवों में कार्य कराने आदि के लिए एक करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया।

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