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एसटीएफ ने मुठभेड़ में बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य को किया ढेर

मेरठ, उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले के मुधाली क्षेत्र में बुधवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की गौतम बुद्ध नगर इकाई और मेरठ पुलिस ने मुठभेड़ में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक सक्रिय सदस्य मारा गिराया।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मुठभेड़ में एसटीएफ के दो जवान भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा,“22 अक्टूबर 2023 को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य और कॉन्ट्रैक्ट किलर जितेंद्र उर्फ ​​जीतू ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाजियाबाद जिले में प्रमोद कसाना की गोली मारकर हत्या कर दी थी।”

प्रवक्ता ने बताया कि जीतू तभी से फरार था, जिसके बाद पुलिस आयुक्तालय स्तर पर 2023 में उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। हरियाणा पुलिस की ओर से भी उस पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित है।
प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार रात एसटीएफ टीम को सूचना मिली कि हरियाणा के झज्जर जिले का रहने वाला जीतू मेरठ की तरफ जा रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ टीम ने मुढ़ाना पुलिस के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी की। कुछ देर बाद एसटीएफ टीम को मोटरसाइकिल सवार दो बदमाश नजर आए।

उन्होंने बताया कि जब बदमाशों को चुनौती दी गई तो उन्होंने पुलिस टीम पर गोलियां चला दी और पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलायी जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। उन्होंने बताया, “उसे मेरठ जिले के खरखौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।”

प्रवक्ता ने बताया कि मारे गए अपराधी की पहचान जितेंद्र उर्फ ​​जीतू (42) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जीतू अपराध की दुनिया में आया था और तीन अलग-अलग मामलों में दोषी पाया गया था। हरियाणा में दोहरे हत्याकांड के एक मामले में उसे तीन फरवरी 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

उन्होंने बताया कि 2023 में जीतू को अदालत से पैरोल मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह पैरोल तोड़कर भाग गया। इस दौरान वह लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गौदारा गैंग के लिए काम करने लगा। जीतू पर कुल 10 मामले दर्ज थे।