काशी में होगा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन, मोहन यादव करेंगे नेतृत्व

वाराणसी, धार्मिक नगरी काशी में ‘मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन’ का आयोजन 31 मार्च को होने जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 मार्च को ही काशी पहुंच जाएंगे, जहाँ वे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। अगले दिन उनकी अध्यक्षता में कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में इस सम्मेलन का आयोजन होगा।

महाकुंभ के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन लाखों भक्तों ने सुगमता से दर्शन किए। इस दौरान अपनाए गए कुशल ‘क्राउड मैनेजमेंट’ (भीड़ प्रबंधन) के मॉडल को मुख्यमंत्री गहराई से समझेंगे। भीड़ प्रबंधन की इन सफल तैयारियों को मध्य प्रदेश में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले ‘सिंहस्थ महाकुंभ’ में लागू किया जाएगा।

श्री काशी विश्वनाथ धाम में लाखों की भीड़ को बिना किसी असुविधा के दर्शन कराने के सफल मॉडल को मध्य प्रदेश में भी अपनाने की योजना है। इस सम्मेलन में वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मध्य प्रदेश के उच्चाधिकारी भी सम्मिलित होंगे। बैठक में विशेष रूप से काशी-उज्जैन-चित्रकूट धार्मिक पर्यटन सर्किट को विकसित करने की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

यह सम्मेलन निवेश, निर्यात और नवाचार का अनूठा संगम होगा। इसमें ओडीओपी, जीआई टैग प्राप्त उत्पादों, पारंपरिक शिल्पकला, कृषि और खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग एवं उन्हें निर्यात से जोड़ने पर चर्चा होगी। सम्मेलन परिसर में एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें ओडीओपी, जीआई टैग हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्त्रों के विभिन्न स्टाल लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में बनारस के सिल्क कारीगर भी सहभागिता करेंगे। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का नेतृत्व करेंगे।

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