केन्द्रीय बजट नीतिगत दृष्टि और राजनीतिक इच्छाशक्ति से पूरी तरह खाली : मल्लिकार्जुन खरगे

नयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश बजट को नीतिगत दृष्टि और राजनीतिक इच्छाशक्ति से पूरी तरह खाली बताया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार के पास अब न तो नए विचार बचे हैं और न ही देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की कोई ठोस रणनीति।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के “मिशन मोड” अब “चैलेंज रूट” बन चुके हैं और “रिफॉर्म एक्सप्रेस” किसी भी सुधार के स्टेशन पर रुकती नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के लिए बजट में न तो कोई सार्थक कल्याणकारी योजना है और न ही आय सुरक्षा का कोई भरोसेमंद खाका पेश किया गया है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता जताई कि देश में आय असमानता ब्रिटिश राज के दौर से भी आगे निकल चुकी है, लेकिन बजट में इसका न तो उल्लेख है और न ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कोई विशेष राहत। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशें भी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे राज्यों को कोई ठोस राहत देती नहीं दिखतीं, जिससे संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने विनिर्माण उद्योग, रोजगार सृजन की कमी, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी, निर्यात में गिरावट, रुपये की कमजोरी, महंगाई, गिरती बचत और बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दों पर बजट की चुप्पी को सरकार की बड़ी विफलता बताया। साथ ही सामाजिक सुरक्षा और नए कानून के तहत रोजगार योजनाओं के लिए आवंटन न होने पर भी सवाल उठाए।





