खुद बनीं लखपति दीदी, अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत

गोरखपुर, महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार के साथ योगी सरकार की पहल के परिणामस्वरूप नवयुग की आत्मनिर्भर नारियों की श्रृंखला लगातार विस्तृत हो रही है।

सरकार की योजनाओं के संबल से आर्थिक स्वावलंबन प्राप्त करने के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन रही हैं। ऐसा ही एक नाम मंशा देवी का भी है। मंशा कभी घर के कामकाज में ही व्यस्त रहती थीं। पर आज प्रतिमाह 20 हजार रुपये की आमदनी करते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के ब्रह्मपुर ब्लॉक के ग्राम हरपुर की रहने वपाली मंशा देवी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मंशा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कुछ अलग करने का संकल्प लिया। ग्रामीण महिलाओं के लिए सरकार की तरफ से चलाए जा रहे सेल्फ मोबिलिटी कार्यक्रम के तहत उन्होंने ई रिक्शा उद्यम शुरू किया। मुद्रा योजना से 1ण्25 लाख रुपये का लोन लिया। खुद ई रिक्शा चलाने के साथ ही उन्होंने अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग देनी शुरू की।

वर्तमान समय में मंशा प्रतिमाह 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनका चयन प्रदेश की उन 14 लखपति दीदी में भी किया गया जिन्हें नई दिल्ली के गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। मंशा देवी की सफलता ने अन्य कई महिलाओं को भी प्रेरित कर स्वावलंबी बनने को अग्रसर किया है।

उपायुक्त स्वतः रोजगार नीरजा गुप्ता का कहना है कि चूल्हा चौका से लखपति दीदी बनने तक का सफर तय कर मंशा देवी रोल मॉडल बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में शासन की योजनाओं से लाभान्वित होकर अब तक 38750 ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला सशक्तिकरण अब केवल नारा नहीं बल्कि धरातल पर उतरता सच बन गया है।

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