गर्मी की आहट के साथ बिजली की पीक डिमांड का नया रिकार्ड बनाने के आसार

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में गर्मी के मौसम में बिजली की पीक डिमांड के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश में मार्च महीने में ही 22 हजार मेगावाट पीक डिमांड एक-दो दिन में दर्ज होने की संभावना है।
अधिकृत आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में देश में अधिकतम बिजली मांग 2,15,888 मेगावाट दर्ज की गई थी, जिसमें से 2,07,231 मेगावाट की आपूर्ति की जा सकी और 8,657 मेगावाट (करीब चार प्रतिशत) की कमी रही। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह मांग बढ़कर 2,43,271 मेगावाट हो गई, जिसमें 2,39,931 मेगावाट की आपूर्ति की गई और 3,340 मेगावाट (1.4 प्रतिशत) की कमी दर्ज हुई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश में अधिकतम बिजली मांग 2,49,856 मेगावाट तक पहुंच गई और लगभग पूरी मांग की पूर्ति हो गई, जबकि मात्र दो मेगावाट की नगण्य कमी रही।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी 2026 तक देश में अधिकतम बिजली मांग 2,45,444 मेगावाट दर्ज की गई, जिसमें से 2,45,416 मेगावाट की आपूर्ति की गई और केवल 28 मेगावाट की कमी रही।
उत्तर प्रदेश में भी पीक डिमांड तेजी से बढ़ रही है। मार्च 2025 में प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग 26 मार्च को 21,869 मेगावाट दर्ज की गई थी। वहीं मार्च 2026 में अब तक की अधिकतम मांग 9 मार्च को 21,307 मेगावाट रही है और मौजूदा रुझानों को देखते हुए आने वाले एक-दो दिनों में यह 22,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष तथा केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) की केंद्रीय राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि देश में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान बिजली की अधिकतम मांग लगातार बढ़ी है। इसके बावजूद आपूर्ति व्यवस्था में सुधार भी देखने को मिला है। हालांकि उत्तर प्रदेश अभी भी ऐसा राज्य है जहां कई क्षेत्रों में रोस्टर व्यवस्था लागू है। ऐसे में बढ़ती गर्मी को देखते हुए विद्युत प्रबंधन को अभी से पूरी तैयारी करनी होगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 11 जून को प्रदेश में अधिकतम पीक डिमांड 31,486 मेगावाट तक पहुंच चुकी है और इस वर्ष इसके 33,000 मेगावाट से अधिक होने की संभावना है।
उपभोक्ता परिषद ने कहा कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए बिजली कंपनियों और पावर कॉरपोरेशन को उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके।





