जानिए होली जलाने और खेलने की सही तिथि और समय

लखनऊ, होली महापर्व की तिथि को लेकर प्रचलित भ्रम की स्थिति के बीच संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्यों ने शास्त्रीय आधार पर अधिकृत निर्णय जारी किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, स्थानीय पंचांग एवं शास्त्रीय गणना के आधार पर होलिका पूजन एवं दहन तीन मार्च (मंगलवार) को प्रातः 3:24 से 5:33 बजे तक (भद्रा पुच्छ एवं निशीथोत्तर काल) करना शास्त्रसम्मत माना गया है।

उल्लेखनीय है कि 3 मार्च को सायंकाल चंद्रग्रहण होने के कारण प्रातः 9 बजे से सूतक प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण के दिन सायंकालीन उत्सव अथवा दहन शास्त्रानुकूल नहीं माना जाता।

अतः होलिका भस्म धारण एवं धूलिवंदन (होली का मुख्य उत्सव) 4 मार्च 2026 (बुधवार) को प्रतिपदा तिथि में मनाना उचित होगा।
विश्वविद्यालय ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शास्त्रसम्मत मुहूर्त में पर्व मनाते हुए उसके आध्यात्मिक संदेश को अपनाएं और समाज में सद्भाव एवं समरसता को बढ़ावा दें।

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