लखनऊ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव का कार्यकाल अप्रैल 2018 मे समाप्त हो रहा है। एेसे मे उनके राजनैतिक भविष्य को लेकर सवाल उठ रहें हैं कि उनका अगला कदम क्या होगा। क्या सपा उन्हे दोबारा राज्यसभा भेजेगी या वह लोकसभा चुनावों मे ताल ठोकेंगे।
2019 के आम लोकसभा चुनावों के लिये गोटियां बिछनी शुरू हो गयीं हैं।सूत्रों केअनुसार, अबकी बार अपनी साख बचाने के लिये, यूपी मे समाजवादी पार्टी अपने सभी बड़े चेहरों को चुनाव मे उतार सकती है। जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव स्वयं कन्नौज से चुनाव लड़ेंगे. वहीं सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से चुनाव मे उतर सकतें हैं।
समाजवादी पार्टी के तीसरे बड़े चेहरे प्रो. रामगोपाल यादव, वर्तमान मे, समाजवादी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल अप्रैल 2018 मे समाप्त हो रहा है। एेसे मे, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव का भी लोकसभा चुनाव लड़ना स्वाभाविक हो जाता है। उपचुनावों मे भाजपा साफ-राजस्थान मे कांग्रेस, बंगाल मे टीएमसी ने जीती सारी सीटें
सूत्रों केअनुसार, रामगोपाल यादव अपनी पुरानी सीट संभल से चुनाव लड़ सकतें हैं। इसके लिए उन्होंने पार्टी मे टिकट के लिए आवेदन भी किया है। रामगोपाल यादव पहले भी संभल से सांसद रह चुके हैं। जबकि कयास यह लगाये जा रहे थे कि पार्टी पुनः उन्हे राज्यसभा भेज सकती है। लेकिन, राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने लोकसभा चुनाव के लिये आवेदन संभल लोकसभा सीट से आवेदन से यह तो स्पष्ट है कि पार्टी उन्हे दोबारा राज्यसभा नही भेज रही है।
रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव वर्तमान मे फिरोजाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं। सूत्रों के अनुसार, सपा दोबारा उन्हे फिरोजाबाद से उतार सकती है। लेकिन नगर निगम चुनावों मे असादुदीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मज्लिस ए इतेहदुल मुसलिमीन ने फिरोजाबाद मेयर पद के चुनावों मे बेहतर प्रदर्शन करते हुये भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी। समाजवादी पार्टी यहां तीसरे स्थान पर रही थी। इसलिये अबकी लोकसभा चुनावों मे बाप और बेटे दोनों को संसद पहुंचने के लिये काफी पसीना बहाना होगा।