जेम पोर्टल पर खरीद में यूपी अव्वल, 22,337 करोड़ की खरीद

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जेम पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे शासकीय क्रय कार्यों की समीक्षा करते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि जेम क्रय नीति-2024 के लागू होने से प्रदेश में पारदर्शिता, शुचिता, समावेशिता और कार्यों की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम क्रय नीति को आदर्श नीति के रूप में सराहा है और अन्य राज्यों को भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की सलाह दी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने 22,337 करोड़ रुपये की खरीद कर देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने इसे पारदर्शी और जवाबदेह शासन का प्रमाण बताया।

अधिकारियों ने अवगत कराया कि जेम पोर्टल की रिवर्स ऑक्शन प्रणाली के जरिए प्रदेश सरकार को 9700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। वहीं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (एमएसएमई) की भागीदारी 43 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई है, जिसमें 82 प्रतिशत योगदान प्रदेश के उद्यमों का है।

इसके अलावा महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों में 48 प्रतिशत और स्टार्टअप उद्यमियों के कारोबार में 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पारदर्शी प्रक्रिया के चलते शासकीय खरीद में शिकायतों में भी 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।

बेहतर जेम प्रणाली के परिणामस्वरूप प्रदेश के विक्रेताओं को कुल 42,648 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्राप्त हुआ, जिसमें 15,617 करोड़ रुपये का कारोबार उत्तर प्रदेश से तथा 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार केंद्र सरकार व अन्य राज्यों से मिला।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद को और प्रभावी बनाएं। साथ ही जेम पोर्टल को कोषागार से जोड़ने तथा पद आधारित स्थायी क्रय समिति के गठन के निर्देश भी दिए, जिससे खरीद प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित व त्वरित हो सके।

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