नगर निगम कर्मी बनेंगे ‘आपदा मित्र’, मिलेगा 12 दिवसीय प्रशिक्षण

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के नोयडा में एक इंजीनियर की गड्ढे में डूबने से हुई मौत के बाद राज्य आपदा प्रबन्धन पर बड़े सवाल खड़े हुए थे। इस बीच अब सरकार ने इसको लेकर बड़ा कदम उठाया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के नगर निगम क्षेत्रों में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम कर्मियों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित करेगा।

अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की क्षमता मजबूत हो सके। प्रदेश के राहत आयुक्त ऋषिकेश भास्कर ने बताया कि नगर निगम कर्मियों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित कर आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों के कुशल संचालन में लगाया जाएगा। प्रशिक्षित कर्मी किसी भी आपातकाल या आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के तौर पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगे और शहरी समुदाय को आपदा प्रबंधन के प्रति सशक्त बनाएंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन द्वारा 17 नगर निगमों के कुल 1,700 कर्मियों को 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक नगर निगम से 100-100 कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, शाहजहांपुर, वाराणसी और फिरोजाबाद शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आपदा मित्रों को इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट भी प्रदान की जाएगी।

इसके साथ ही, नागरिक सुरक्षा विभाग के सक्रिय वार्डनों और स्वयंसेवकों को भी आपदा मित्र के रूप में तैयार किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 7,500 सक्रिय वार्डन/स्वयंसेवकों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर आपदा मित्र बनाया जाएगा।

राहत आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम और नागरिक सुरक्षा विभाग के कर्मियों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा। आपदा मित्रों के चयन में निर्धारित योग्यता और मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही युवा इंजीनियर की गड्ढे में गाड़ी के साथ डूबकर मौत मामले में अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर हर किसी की नजर टिकी हुई है। रिपोर्ट के आधार पर नोएडा पुलिस और अथॉरिटी के किसी सीनियर अधिकारी पर गाज गिर सकती है। इस मामले में नोएडा अथॉरिटी सीईओ डॉ. लोकेश एम को पहले ही हटाया जा चुका है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में घने कोहरे के कारण एक अनियंत्रित कार शुक्रवार 16 जनवरी की रात 20 फीट से अधिक गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई, जिससे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर सिस्टम पर लगातार सवाल उठा रहे थे।

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