नये टूरिज्म हब के रुप में उभर रहा है कानपुर

कानपुर, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा धार्मिक और पौराणिक स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिए जाने के क्रम में कानपुर तेजी से एक नए ‘टूरिज्म हब’ के रूप में उभर रहा है। बिठूर से लेकर घाटमपुर और बिल्हौर तक विभिन्न स्थलों पर कराए जा रहे विकास कार्यों से पर्यटन को नई गति मिली है। कभी उपेक्षित रहे बिठूर क्षेत्र में करीब 75 लाख रुपये की लागत से घाटों का सुदृढ़ीकरण, आरसीसी रैंप, फ्लोरिंग और भित्ति चित्रों का निर्माण कराया गया है। हाईमास्ट लाइटिंग और मंदिरों की फसाड लाइटिंग ने यहां के धार्मिक स्वरूप को और आकर्षक बना दिया है। शहर के मेस्कर घाट पर बनाए गए गजीबो पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गए हैं। करीब 93.24 लाख रुपये की लागत से यहां शेल्टर, चेंजिंग रूम, सैंड स्टोन फ्लोरिंग और भव्य वेलकम गेट का निर्माण किया गया है, जिससे गंगा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
पनकी हनुमान मंदिर के बाहरी भाग के सुंदरीकरण के लिए करीब 184 लाख रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इसके अलावा उजियारी देवी मंदिर, राम-सीता मंदिर, कुडनी हनुमान मंदिर, कुष्मांडा देवी मंदिर और मां भद्रकाली मंदिर सहित कई स्थलों पर यात्री सुविधाओं, सोलर लाइट, इंटरलॉकिंग, विश्राम गृह और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास किया गया है। सोमनाथ मंदिर, खेरेश्वर शिव मंदिर, रावल देवी मंदिर और बाराही देवी मंदिर में भी विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
पर्यटन आंकड़ों के अनुसार कानपुर में सैलानियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में जहां कुल 28.19 लाख भारतीय और 3,756 विदेशी पर्यटक आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 42.64 लाख भारतीय और 4,334 विदेशी हो गई। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 66.98 लाख भारतीय और 3,931 विदेशी पर्यटकों तक पहुंच गया।
जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. अर्जिता ओझा के अनुसार सुविधाओं में वृद्धि से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी लाभ मिल रहा है। वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कानपुर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना प्राथमिकता है और इसे एक प्रमुख ‘टूरिज्म हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।





