नेताओं की पहली पसंद समाजवादी पार्टी, कई दलों के दिग्गजों ने थामा झंडा

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में होने विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का वक्त बाकी है। लेकिन यूपी का राजनीतिक माहौल अभी से गरमाने लगा है। प्रमुख कद्दावर नेताओं को अपनी अपनी पार्टी से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। जिसमें समाजवादी पार्टी ने अन्य सभी पार्टियों से लीड ले ली है। अखिलेश यादव ने साफ संकेत दे दिए हैं कि 2027 की लड़ाई को लेकर सपा अभी से पूरी ताकत झोंक रही है. आज लखनऊ में कई अलग-अलग दलों से आए नेताओं ने सपा का दामन थामा, जिसे पार्टी पीडीए को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है.
आज बड़ी संख्या में पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व विधायक, मौजूदा चेयरमैन, पूर्व चेयरमैन एवं कई कद्दावर नेताओं सहित बडी संख्या में कार्यकर्ताओं ने आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
इसी क्रम में, हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आये, पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे.
इसके अलावा बसपा नेता अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू, अपना दल (अनुप्रिया पटेल गुट) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजकुमार पाल, देवरिया सदर से 2 बार के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, एआईएमआईएम के कन्नौज से पूर्व प्रत्याशी डॉ दानिश खान भी सपा मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. इसके अलावा महिला नेताओं में रचना पाल, हुसना सिद्दीकी, पूनम पाल और अलका समेत कई कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। आज नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बेटे और पत्नी ने भी समाजवादी पार्टी ज्वॉइन की.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। माला पहनाकर पार्टी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी का स्वागत किया। अखिलेश यादव ने मायावती सरकार में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी को स्मृति चिह्न के साथ अहिल्याबाई की तस्वीर भेंट की। अखिलेश यादव ने सभी का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने समाजवादी विचारधारा और संगठन को मजबूत करने का संकल्प जताया। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस मौके पर प्रदेश की सत्ता में बदलाव की हुंकार भरी।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि समाजवाद और समाजवादी पार्टी का आपस में अटूट संबंध है। उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे देश की दशा को सुधारने वाले और नई दिशा देने वाले नेता रहे थे। मैं हमेशा उनसे प्रभावित रहा हूं। उन्होंने कहा कि भले ही मैं किसी पार्टी में रहा हूं, मैंने हमेशा नेताजी का सम्मान किया है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस मौके पर शायराना अंदाज में अखिलेश यादव की शख्सियत बयान करते हुये कहा कि-
‘हयात लेके चलो, कायनात लेके चलो। चलो तो सारे जमाने को साथ ले के चलो।’
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ऐसे ही नेता हैं, जो हिंदू, मुस्लिम , सिख , ईसाई सभी समाज को साथ लेकर चल रहे हैं।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना विचार होता है, हर व्यक्ति का स्वार्थ होता है और उनका भी स्वार्थ है। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सपा में शामिल होने मे मेरा स्वार्थ ये है कि मुझे समाज को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि ‘समाज मजबूत होगा तो हम मजबूत’ होंगे।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि उनका मकसद समाज को मजबूत करना, कानून व्यवस्था सुधारना और प्रदेश का विकास करना है. उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों, युवाओं और छात्रों को उनका हक मिलना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मजबूत है तो हम सब मजबूत हैं. सिर्फ बातें करने से कुछ नहीं होता, जमीन पर काम करना पड़ता है.
उन्होंने पार्टी अनुशासन और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों का पालन करने की बात कही. नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी से जो भी नेता सपा में शामिल हुए हैं, उन्हें मैं बता दूं कि सपा में आज से सभी हमारे वरिष्ठ हैं। हम लोग उनसे जूनियर हैं। उन्होंने कहा कि 15,718 लोग सपा में शामिल हो रहे हैं। फूल बाबू, बाबू सिंह कुशवाहा आदि सभी लोगों के साथ हम लोग पहले काम कर चुके हैं। अब एक बार फिर साथ में काम करेंगे।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुकाबला साधारण लोगों से नहीं है. असली मजा तब आता है जब सामने मजबूत विरोधी हो. उन्होंने अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि पहले पार्टी का अनुशासन, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष का आदेश और उसके बाद विचारधारा इसी क्रम में आगे बढ़ना होगा.
उन्होंने कहा कि लक्ष्य साफ होना चाहिए, 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनानी है और राष्ट्रीय अध्यक्ष को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है. आगे की रणनीति बाद में तय होगी, लेकिन अभी से पूरी ताकत लगानी होगी.
समाजवादी पार्टी के कुनबे में शामिल होने वाला दूसरा बड़ा नाम बसपा के दिग्गज नेता अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू का है. पीलीभीत की बीसलपुर सीट से तीन बार विधायक और मंत्री रहे फूल बाबू का अपने क्षेत्र में मजबूत व्यक्तिगत वोट बैंक माना जाता है. पूर्व विधायक अनीस अहमद ने कहा कि ज्यादा चक्कर में पड़ने की जरूरत नही है। इस प्रदेश मे दो ही लड़ाई है. एक बीजेपी को जिताने वाले लोग हैं और एक ओर बडी तादाद में बीजेपी को हराने वाले लोग हैं।
आज अखिलेश यादव के साथ वो लोग भी खड़ें होने के लिये तैयार हैं, जो कभी अखिलेश यादव के साथ नही आना चाहते थे. एक भरोसा, एक विश्वास लोगों का अखिलेश यादव के प्रति पैदा हो रहा है. आज यूथ मे दीवानगी है। आज अपर कास्ट के लोग भी अखिलेश यादव की बात करतें हैं। आज सब लोग अखिलेश यादव के साथ जुड़ना चाह रहें हैं।
समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हुये पूर्व विधायक राजकुमार पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने महारानी अहिल्याबाई होल्कर के सम्मान की लड़ाई विधानसभा से लेकर लोकसभा तक लड़ी है. उनका समाज हमेशा समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा रहेगा. पाल समाज अखिलेश यादव के साथ है। पाल समाज समाजवादी पार्टी के साथ है।
अंत में, अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुये कहा कि पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले सभी नेता पीडीए को मजबूत करने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि होली मिलन से पहले पीडीए का विशेष मिलन कार्यक्रम होगा. जो भी पीड़ित और दुखी है, पीडीए उसके साथ खड़ा है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब से हमारे साथ पूर्व मंत्री फूल बाबू आए हैं, तो किसी का फूल मुरझाता जा रहा है। राजकुमार पाल के आने से हमारे पहले पाल और मजबूत होने जा रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष का अपमान किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “कुछ लोग तो ऐसे हैं जो हमारे पूजनीय शंकराचार्य को भी अपमानित करते हैं, जो पीड़ित है, अपमानित है, उसके साथ भी पीडीए है. इसलिए शंकराचार्य के साथ भी हमलोग हैं. जो लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं कि शंकराचार्य शंका से परे होते हैं. उनको बता दूं, हमारी संस्कृति रही है कि कोई भी गेरुआ वस्त्र धारण कर लेता है तो हम उसे सम्मान की नजरों से देखते हैं.”जो लोग दूसरों से सर्टिफिकेट मांगते हैं, पहले अपना सर्टिफिकेट दिखाएं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल ये लोग जेन जी से भी परेशान हैं और जेन जी सीएम का मतलब करप्ट माउथ बता रहे हैं.
उन्होंने सीएम योगी के बयान को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि अब तो हवा खराब होने की बात चलने लगी है। लखनऊ वाले कह रहे हैं कि दिल्ली की हवा खराब है। सच्चाई तो यह है कि दोनों ही हवा खराब है और दोनों की हवा खराब है।
अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री बिष्ट जी खिलाड़ी तो हैं लेकिन खेल नहीं पा रहे हैं। कोई खेल नहीं खेल पा रहे हैं। उनकी सरकार में क्या खेल चल रहा है, एक ही नंबर के ट्रक टोल से निकले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम आगे बढ़ना चाहते हैं। हम लोग PDA हैं, प्रोग्रेसिव लोग हैं, पॉजिटिव लोग हैं, सबको साथ लेकर चलने वाले लोग हैं, इसलिए आपके आने से PDA की लड़ाई और मजबूत होगी और PDA की सरकार हमलोग मिलकर बनाएंगे।





