पंचायत चुनाव के लिये रालोद ने कसी कमर

लखनऊ, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर अपनी रणनीति और तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
पार्टी का स्पष्ट संकल्प है कि पंचायत चुनाव केवल संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता के बल पर लड़े जाएंगे।
रालोद का मानना है कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की असली नींव हैं और इनमें वही प्रतिनिधि चुने जाने चाहिए जो गांव, किसान, मजदूर, महिला और युवा वर्ग की आवाज़ को मजबूती से उठा सकें, इसीलिए तय किया गया है कि इस चुनाव में वही कार्यकर्ता पार्टी के प्रत्याशी बनाए जाएंगे, जिन्होंने लगातार पार्टी के लिए संघर्ष किया है और जनता से गहरा जुड़ाव रखते हैं।
पंचायत चुनाव की तैयारियों को संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए प्रदेश को 10 जोनों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में नियुक्त पदाधिकारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। साथ ही, प्रत्येक जिले में पांच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं का मूल्यांकन करेगी और योग्य प्रत्याशियों के चयन में अहम भूमिका निभाएगी।
पंचायत चुनावों की तैयारियों के संचालन के लिये प्रदेश स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति के संयोजक का दायित्व राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्जवल को सौंपा गया है जबकि रोहित प्रताप, मोहम्मद जैद, विकास कादियान, संतोष सिंह और हवलदार यादव सदस्य होंगे। यह समिति पूरे प्रदेश का भ्रमण कर पंचायत चुनाव की तैयारियों का जायज़ा लेगी और उन्हें व्यवस्थित करेगी। इस क्रम में 30 अगस्त की शाम लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय करेंगे। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे, पंचायत चुनाव समिति के संयोजक एवं सदस्य, सभी दस क्षेत्रीय अध्यक्ष तथा सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।
इस बैठक का उद्देश्य पंचायत चुनावों में पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देना, कार्यकर्ताओं की भूमिका सुनिश्चित करना और संगठन को अधिक सक्रिय बनाना है।





