रोहतक, रियो ओलंपिक में मेडल दिलाने वाली पहलवान साक्षी मलिक पहलवान सत्यव्रत कादियान के साथ दांपत्य सूत्र में बंध गईं। सत्यव्रत भी अंतरराष्ट्रीय पहलवान हैं और काॅमनवेल्थ सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीत चुके हैं। शाम करीब साढ़े बजे सत्यव्रत रोहतक की नई अनाज मंडी के सामने स्थित अपने आवास से बरात लेकर पहुंचे। सत्यव्रत गोल्डन कलर की शेरवानी पहने हुए थे। दिल्ली के खास बैंड की धुन पर नाचते बराती नांदल भवन के मुख्य गेट पर पहुंचे। सायं साढ़े आठ बजे नांदल भवन परिसर में बारौठी हुई।
नांदल भवन के दूसरे छोर पर वरमाला के लिए स्टेज बनाया गया था। साक्षी वहां तक सिंड्रेला बग्घी में बैठकर आईं। वह लाल रंग का लहंगा पहने हुए थीं। साक्षी और उसके परिवार को शादी में बधाई देने वालों में आम से लेकर खास तक आए। दिन में साक्षी के आवास पर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ बधाई देने आए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना शुभकामना संदेश भेजा। कुश्ती संघ के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के कैसरगंज लोक सभा क्षेत्र के सांसद भाजपा नेता बृजभूषण सिंह ने भी दोनों को आशीष दिया।
ओलंपियन सुशील कुमार भी दोनों को बधाई देने पहुंचे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शाम को पहुंचकर रथ पर बैठे सत्यव्रत को आशीष दिया और साक्षी के परिवार वालों से भी मिले। हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला, कांग्रेस की नेता रेणुका बिश्नोई के साथ ही अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी वर-वधू को शुभकामना देने पहुंचे। वरमाला के कार्यक्रम के दौरान खास फूलों का गुलदस्ता लेकर पहलवान सुशील कुमार स्टेज पर पहुंचे और साक्षी व सत्यव्रत को बधाई दी।
इससे पहले रोहतक के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही रेलवे, खेल आदि मंत्रालयों के अधिकारियों ने पहुंचकर बधाई दी। सुशील के पहुंचने की खबर पर उनके फैंस ने उन्हें घेर लिया। भीड़ और प्रशंसकों से बचते हुए वह स्टेज तक पहुंचे। वापस आए तो फिर से यही हाल था और प्रशंसकों ने सुशील के साथ खूब सेल्फी ली। इससे पहले, दूल्हे सत्यव्रत का लग्न टीका कार्यक्रम व दुल्हन साक्षी के भात भरने का कार्यक्रम हुआ। शादी की अन्य रस्में भी शाम तक जारी रही।
शादी की सबसे खास बात है कि इसमें किसी तरह दहेज या लेनदेन नहीं हुआ। दूल्हे सत्यव्रत के लग्न टीका में महज चांदी का एक सिक्का स्वीकार किया। इससे पहले दिन में साक्षी और सत्यव्रत ने मंगलगीत के बीच अपने घरों पर परंपरागत रस्में निभाईं। इससे पहले साक्षी के सेक्टर-चार स्थित घर पर शनिवार को शादी की रस्में हुई्र। दिन में हल्दी और तेल चढ़ाने की रस्म हुई तो शाम को महिला संगीत का आयोजन किया गया। शनिवार देर रात तक मेहमानों की भीड़ थी और शादियों की तैयारियां चलती रहीं। साक्षी की मां सुदेश और उनके पिता सुखबीर मलिक बेटी को विदा करते समय भावुक हो गए।
मां सुदेश ने कहा कि साक्षी अब हमारी नहीं बल्कि पूरे देश की बेटी है। बेटी की विदाई के दौरान माता-पिता सहित सभी परिजनों की आंखों में आंसू आ गए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की पूरी सुरक्षा रही। सुरक्षा के लिहाज से पूरे कार्यक्रम की तैयारियों से जुड़ी रोहतक की सिक्योरिटी एजेंसी की ओर से 40 बाउंसर भी तैनात किए गए थे। देश की खास पहलवान साक्षी की शादी में सभी मायनों में खास रही। साक्षी को मेहंदी लगाने व ब्यूटी पार्लर एक्सपर्ट दिल्ली से आए, वहीं जयमाला के दौरान साक्षी और सत्यव्रत कादियान ने एक-दूजे को बेंगलुरु में बनाई गई थाईलैंड के पैटल्स फूलों की माला पहनाई। जयमाला के लिए 20 गुना 31 फीट का मुख्य स्टेज तैयार किया गया था। नांदल भवन से जयमाल के लिए तैयार किए गए खास स्टेज तक साक्षी सिंड्रेला बग्घी में पहुंचीं और शादी के बाद वह ससुराल बीएमडब्ल्यू कार से विदा हुईं।
गाड़ी को गुलाब और थाईलैंड के फूलों से ही सजाया गया था। उधर, दूल्हा सत्यव्रत भी सहारनपुर से खास तौर पर तैयार किए गए लकड़ी के गोल्डन रथ पर सवार होकर पहुंचे। इस रथ में दो घोड़े लगे थे। घर को सजाने के लिए कोलकाता से विशेष प्रकार के गेंदे के फूल मंगाए गए थे। फूलों की सजावट करने वाले नरेंद्र कुमार के अनुसार करीब डेढ़ क्विंटल फूलों से घर में सजावट की गई। इसके साथ ही राजस्थानी पपेट, राजस्थानी छाता आदि सजावट में उपयोग किए। इसके अलावा नांदल भवन में करीब तीन-चार क्विंटल फूल सजावट में लगाए गए। इनमें थाईलैंड से कार्निशल फूल, कट फ्लॉवर, गुलाब आदि का इस्तेमाल किया गया।
साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान शादी के बाद मई में होने वाली एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों में जुट जाएंगे। इस प्रतियोगिता में सत्यव्रत का खेलना तय है, लेकिन शादी की तैयारियों के कारण साक्षी सोनीपत में कैंप में शामिल नहीं हो सकी थीं। हालांकि यदि साक्षी चैंपियनशिप में खेलना चाहेंगी तो कुश्ती संघ उन्हें मौका देगा। एशियन चैंपियनशिप 10 से 12 मई तक दिल्ली में होगी। बता दें कि साक्षी और सत्यव्रत दोनों ही प्रो. कुश्ती में दिल्ली की ओर से खेल रहे हैं। मेहमानों की दावत के लिए खास भोजन तैयार करने के लिए विशेषज्ञ कारीगरों को उत्तर प्रदेश से बुलाया गया था। भोजन के लिए 80 से अधिक स्टॉल लगाए गए। इनमें करीब आठ से अधिक मिठाइयां व 15 सब्जियां थीं। माल पुआ भी और दिल्ली की कुल्फी भी स्टाल पर मौजूद थी।