पुरा महादेव मेला, ‘जीरो वेस्ट महोत्सव’ बनकर रच रहा नया इतिहास

बागपत,  फाल्गुन मास की पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद स्थित ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर पर लगने वाला प्रसिद्ध पुरा महादेव मेला शनिवार को भव्य और दिव्य स्वरूप में प्रारंभ हो गया।

मेले के पहले ही दिन तड़के सुबह से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की परंपरा का यह मेला जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है। जिला प्रशासन ने आस्था के सम्मान, स्वच्छता, सुरक्षा और तकनीक के समन्वय को धरातल पर उतारते हुए इस ऐतिहासिक मेले को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सुशासन और पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बना दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।

इस वर्ष पुरा महादेव मेला विशेष रूप से इसलिए ऐतिहासिक बन गया है क्योंकि इसे पहली बार “जीरो वेस्ट महोत्सव” के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प लिया गया है। फूल-मालाओं और पूजन सामग्री से जैविक खाद व अगरबत्ती तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग यूनिट भेजा जाएगा। शिवलिंग पर अर्पित पवित्र जल को भी संरक्षित कर पशु-पक्षियों और गौशालाओं तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और करुणा का संदेश दिया जा रहा है।

डिजिटल उत्तर प्रदेश के विजन के तहत मेला क्षेत्र में क्यूआर कोड आधारित कांवड़ यात्रा एप की सुविधा दी गई है, जिससे श्रद्धालु मोबाइल पर ही मेडिकल सहायता, पेयजल, पार्किंग, शौचालय और कंट्रोल रूम की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, चौबीसों घंटे पुलिस गश्त और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल कैंप, पेयजल टैंकर, मोबाइल टॉयलेट, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को भी सुदृढ़ किया गया है।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है। काशी विश्वनाथ, अयोध्या और मथुरा की तरह अब पुरा महादेव मेला भी प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में अपनी पहचान बना रहा है। आस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और तकनीक के संगम से यह मेला न केवल धार्मिक चेतना का केंद्र है, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास, सुशासन और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा है।

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