प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में अब एसआईटी करेगी जांच, ईडी और आयकर विभाग की टीमें भी खंगालेंगी रिकॉर्ड

वाराणसी,  उत्तर प्रदेश में वारणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया है, जो सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगा। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए अपर पुलिस उपायुक्त सरवणन टी. के नेतृत्व में टीम काम करेगी। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कोतवाली और थाना प्रभारी कोतवाली मुख्य विवेचक होंगे।

पुलिस आयुक्त अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि औषधि निरीक्षक जुनाब अली द्वारा मेसर्स शैली ट्रेडर्स, प्लॉट नंबर-187/188, तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया, हटिया, रांची (झारखंड) के मालिक भोला प्रसाद पुत्र रामदयाल प्रसाद, निवासी सिल्वर स्प्रिंग्स फ्लैट, 1-सी-आरके, मिशन रोड, तुपुदाना हटिया, रांची और फर्म के सक्षम व्यक्ति (कंपिटेंट पर्सन) शुभम जायसवाल पुत्र भोला प्रसाद, निवासी ए-9/24-जे, कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, वाराणसी और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने कोडीन युक्त कफ सिरप की भारी मात्रा वाराणसी जनपद की 26 फर्मों को गैर-कानूनी तरीके से गैर-चिकित्सकीय उपयोग और नशे के लिए बेची। मामला थाना कोतवाली में स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा-26(डी) के तहत दर्ज किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की टीमें भी इस मामले में अपने स्तर पर जांच करेंगी। पुलिस टीमें शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के सभी संपर्कों और नेटवर्क की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार शुभम ने अपना नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला रखा था।

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