बड़े कार्य के पीछे दीर्घकालिक सोच और योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक : आनंदीबेन पटेल

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि किसी भी बड़े कार्य के पीछे दीर्घकालिक सोच और योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक होते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।

गुरुवार को राज्यपाल की उपस्थिति में जनभवन में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) और सीमेंस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत वीएलएसआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (इडा), वेरिफिकेशन और सिमुलेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि देश के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और सेमीकंडक्टर भविष्य की तकनीकी प्रगति का आधार बन चुका है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य आत्मनिर्भरता से ही संभव है और यह साझेदारी उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सीमेंस के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पहल के तहत प्रदेश के करीब 300 शिक्षण संस्थानों को अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही हर वर्ष लगभग 2000 छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा और 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा।

एकेटीयू के कुलपति प्रो. जे.पी. पांडेय ने बताया कि यह पहल छात्रों को वीएलएसआई डिजाइन, सर्किट सिमुलेशन और पीसीबी डिजाइन जैसे आधुनिक कौशल प्रदान करेगी।

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