बहराइच: 2001 के हत्या कांड में आरोपी को आजीवन कारावास

बहराइच, उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में करीब 25 वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मिली जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के हठीला निवासी सफाउल्ला ने 25 सितंबर 2001 को पुलिस में तहरीर देकर बताया था कि वह अपने भाई लोकई के साथ लोकई डीहा से नगरौर स्थित घर वापस लौट रहा था। शाम करीब साढ़े छह बजे रास्ते में एक खेत के पास अजमेर अली अपने साथियों के साथ फावड़ा लेकर पहुंच गया और मेरे भाई लोकई को घेर लिया और खेत में गिराकर दबोच लिया और फावड़े से गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी।
जिसके संबंध में थाना कोतवाली देहात में पुलिस ने तहरीर के आधार पर अजमेर अली, गुलाम रसूल और अशोक कोरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना कर रहे तत्कालीन विवेचक द्वारा साक्ष्य संकलन और गवाहों के बयान के आधार पर 24 नवंबर 2003 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था,जिसपर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए 25 फरवरी 2004 को आरोप तय किए थे।
जिस पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा की अदालत ने सोमवार को सुनवाई पूर्ण कर आरोपी अजमेर अली को दोषी मानते हुए धारा 302/34 भादंवि के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।





