बीएचयू के 105वें दीक्षांत समारोह में प्रदान होंगी 13,450 डिग्रियां, 29 पदकों में 20 छात्राओं ने मारी बाजी

वाराणसी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का 105वाँ दीक्षांत समारोह 12 दिसंबर को स्वतंत्रता भवन में आयोजित होगा। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने बुधवार को बताया कि इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में कुल 13,450 डिग्रियाँ प्रदान की जाएंगी।

मुख्य मंच से 29 पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 2 चांसलर पदक और 2 स्वर्गीय महाराजा विभूति नारायण सिंह स्वर्ण पदक शामिल हैं। इन 29 पदकों में 20 छात्राएं और 9 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न संकायों में कुल 554 पदक मेधावी छात्र-छात्राओं को दिए जाएंगे।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलाधिपति डॉ. विजय कुमार सारस्वत होंगे। पद्मश्री एवं पद्मभूषण से विभूषित डॉ. सारस्वत देश के ख्यातिप्राप्त रक्षा वैज्ञानिक हैं। उन्होंने भारत के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली, हल्के लड़ाकू विमान तेजस, परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत की प्रारंभिक परिचालन मंजूरी सहित अनेक राष्ट्रीय परियोजनाओं में अहम भूमिका निभाई है। वे पूर्व में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सचिव भी रह चुके हैं।

कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक डिग्री का औपचारिक समापन नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत का फल और नई यात्रा का श्रीगणेश है। उन्होंने कहा कि बीएचयू अपने छात्रों को केवल पेशेवर दक्षता ही नहीं, बल्कि मजबूत नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण भी देता है। बीएचयू से पढ़कर गए छात्र-छात्राएँ जीवन भर विश्वविद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं, क्योंकि यहाँ का अनुभव केवल शिक्षा-शोध तक सीमित नहीं, बल्कि सामुदायिक भावना और संस्कारों पर भी आधारित है।

परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने बताया कि समारोह की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। परंपरागत दीक्षांत पोशाक, साफा और उत्तरिया का वितरण संकाय स्तर पर व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है ताकि अंतिम समय में भीड़भाड़ से बचा जा सके।

इस वर्ष दीक्षांत में 7,364 स्नातक, 5,459 स्नातकोत्तर, 712 पीएच.डी., 4 एम.फिल. तथा चिकित्सा संकाय में डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधियां प्रदान की जाएंगी।

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