बुद्ध का शांति,करूणा और अहिंसा का संदेश वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक: केशव प्रसाद मौर्य

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कुशीनगर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान तथागत बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व अशांति और संघर्षों से जूझ रहा है, तब बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध का संदेश दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान बुद्ध के विचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने रूस प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर वे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लेकर काल्मिकिया गणराज्य गए थे, जहां उन्हें अत्यंत श्रद्धा और सम्मान मिला। यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और बुद्ध के प्रति विश्वव्यापी आस्था का प्रतीक है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर, सारनाथ, श्रावस्ती, संकिसा और कौशांबी जैसे बौद्ध स्थलों का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से हुआ है। उन्होंने कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी, ताकि विदेशों से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि कोई भी संघर्ष युद्ध से नहीं, बल्कि बुद्ध के विचारों से जीता जा सकता है। प्रदेश सरकार बुद्ध विहारों, स्मारकों तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है।
उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने निधि से इन स्थलों के विकास में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने बुद्ध के विचारों को सामाजिक समरसता और न्याय के साथ जोड़कर समाज को नई दिशा दी। दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम के सम्मान की नई परंपरा स्थापित की है। कार्यक्रम के दौरान बौद्ध भिक्षु संघ द्वारा दोनों उप मुख्यमंत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जिला प्रशासन ने उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।





