भारत की विदेश नीति पर बाहरी प्रभाव बढ़ा : अखिलेश यादव

लखनऊ, अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच भारत की विदेश नीति को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति पूरी तरह विफल हो चुकी है और देश को कमजोर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भारत की विदेश नीति पर बाहरी प्रभाव बढ़ गया है और सरकार लगातार समझौते कर देश के बाजार को विदेशी ताकतों के हवाले कर रही है।
मंगलवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों से किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ विदेश से आएगा तो देश का किसान क्या करेगा और सरकार ने किसानों के हितों के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने ‘विश्वगुरु’ के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भारत वास्तव में विश्वगुरु होता तो वैश्विक संघर्षों में उसकी निर्णायक भूमिका दिखती। उन्होंने कहा कि केवल दावे करने से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप से यह सिद्ध होता है।
उन्होंने महंगाई और घरेलू मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। कहा कि आम आदमी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों से परेशान है और इसे लेकर असंतोष बढ़ रहा है। साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।
धार्मिक मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार की आलोचना की और कहा कि परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संतों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जो उचित नहीं है।
अखिलेश यादव ने चुनावी राजनीति पर बोलते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष मजबूत होकर उतरेगा और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय व सम्मान के मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की स्थिति बन रही है और जनता भाजपा सरकार से निराश है।





