मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आप ने किया प्रदर्शन

लखनऊ, काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को लखनऊ में स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मंदिरों को तोड़े जाने की घटना को आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया। प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से संबंधित अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां सदियों से मोक्ष से जुड़ी मान्यताएं रही हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर इतिहास और धार्मिक धरोहरों को खत्म करने का षड्यंत्र कर रही है। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि विकास का अर्थ धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का विनाश नहीं हो सकता।
प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस सोनी ने कहा कि “मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़ा जाना पूरे हिंदू समाज की आस्था पर सीधा हमला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में मंदिर और धर्म की राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आते ही मंदिरों पर बुलडोजर चलवाती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे पर भी हमला है तथा यह संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।
लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि भाजपा की तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लखनऊ की सड़कों पर जनता की आवाज बुलंद हुई है। उन्होंने कहा कि काशी की पहचान, परंपरा और आत्मा के साथ किया गया यह अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर संघर्ष करेगी।
ज्ञापन में मांग की गई कि तोड़े गए मंदिरों का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों/लोगों पर कठोर कार्रवाई हो और भविष्य में किसी धार्मिक स्थल से छेड़छाड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।





