महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम बसपा मिशनरी सोच के अनुरूप होना चाहिए-मायावती

लखनऊ/नयी दिल्ली, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम बसपा की मिशनरी सोच के अनुरूप होने चाहिए।

उन्होंने महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार और झारखंड इकाइयों की समीक्षा बैठक के बाद कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी तथा पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज के उत्पीड़न पर पार्टी को देशव्यापी संघर्ष तेज करना होगा।

सुश्री मायावती ने बुधवार को कहा कि भाजपा सरकार पर विपक्षियों को कमजोर करने, एजेंसियों का दुरुपयोग करने और देश को जातिवादी-धार्मिक तनाव की ओर धकेलने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरक्षण के संवैधानिक अधिकार पर हमले और उसे कमजोर करने के प्रयास बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने चेताया कि यदि आरक्षण को बचाने की लड़ाई को मज़बूती से नहीं लड़ा गया तो बहुजन वर्ग के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव की चुनौती बढ़ती जा रही है, इसलिए बाबा साहेब के मार्गदर्शन और कांशीराम जी के सामाजिक परिवर्तन मिशन को आगे बढ़ाना समय की मांग है। उन्होंने आगामी चुनावों में बसपा को और अधिक मजबूती के साथ उतरने के निर्देश दिए तथा कहा कि पार्टी को मतदाता सूची के चल रहे विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि बहुजन मतदाताओं का नाम किसी भी स्थिति में हटने न पाए।

उन्होंने सभी राज्यों की इकाइयों से अपील की कि वे छह दिसम्बर 2025 के महापरिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मिशनरी उत्साह से काम करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम किसी भी तरह से दिखावटी या अवसरवादी नहीं बल्कि पार्टी की परम्पराओं के अनुरूप अनुशासित, सारगर्भित एवं प्रेरणादायक होने चाहिए।

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