महिला उत्पीड़न के मामले में अपर्णा यादव का मेडिकल कालेज जाना उचित: आयोग

अमेठी, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ बबिता सिंह ने केजीएमयू में अपर्णा यादव और कुलपति के विवाद को लेकर कहा कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष का किसी भी महिला उत्पीड़न मामले में जाना उचित है।
डा बबिता सिंह ने शुक्रवार को अमेठी में पत्रकारों से बातचीत में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का समर्थन करते हुए कहा कि यदि अपर्णा यादव वहां गई थी तो वहां किसी जिम्मेदार को अपर्णा यादव से मिलना चाहिए था। महिला आयोग कहीं भी जा सकता है।इसमें उन्होने कोई गलत नहीं किया। रही बात गलती कि तो वहां किसी की गलती नहीं है।वहां धर्मान्तरण का मुद्दा है।यदि किसी प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह का काम हो रहा है तो यह बहुत ही गलत है।इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी लिया।इस दौरान संतोष जनक जवाब ना मिलने पर नाराजगी जताई।
इसके पूर्व महिला आयोग की अध्यक्ष ने संयुक्त जिला चिकित्सालय में नव जात बच्चियों को अन्नप्राशन कराया।इस दौरान उन्होंने कहा कि बेटियों का जन्म अब उत्सव के रूप में मनाया जाता है।इसके पहले बेटियां जन्म के पहले गर्भ में ही समाप्त कर दी जाती थी।उन्होंने कहा कि यह सब प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ और देश के पीएम नरेंद्र मोदी के रहते हुए संभव हुआ है।बेटियां दो किलों को संवारती है।
डा बबिता सिंह ने गौरीगंज तहसील मे महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की जन सुनवाई भी किया।



