मुख्यमंत्री योगी के विजन ने बनाया गोरखपुर को निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन

गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल और आसपास के क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर, कनेक्टिविटी और इन्वेस्टर्स फ्रेंडली पॉलिसी से क्षेत्र में औद्योगिक विकास का ईकोसिस्टम बदल गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने गोरखपुर को न केवल समग्र विकास के पथ पर अग्रसर किया है बल्कि इसे निवेश का ड्रीम डेस्टिनेशन भी बना दिया है। उद्यमियों के पलायन की प्रवृति से निजात पाकर यह क्षेत्र देश की नामी कम्पनियों को भाने लगा है।
नौ साल पहले जहां इस इलाके में गिनती के उद्योग थे वहीं अब उद्योगों की कतार खड़ी होने लगी है और इसका केंद्र बिंदु बना है गोरखपुर औद्योगिक विका
स प्राधिकरण ;गीडा. क्षेत्र। साढ़े तीन दशक पहले स्थापित गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ;गीडा. बीते नौ सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली पॉलिसी से पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का इंजन बनकर उभरा है। इस बात को सभी स्वीकारते हैं कि गोरखपुर में निवेशकों का रुझान 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बढ़ा है। 2017 के पहले यहां गिनती के उद्योग थे तो वहीं बीते नौ सालों में उद्योगों की श्रृंखला खड़ी हो गई है। योगी के नेतृत्व में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्थाए इंफ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी के विस्तार और निवेशकों के लिए प्रोत्साहनपरक नीतियों ने ऐसा माहौल बनाया कि गीडा स्थानीय ही नहीं देशभर के निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी होने के बाद निवेशकों का रुझान और तेजी से बढ़ रहा है।

सरकार की औद्योगिक नीति के साथ ही योगी की गीडा के प्रति व्यक्तिगत दिलचस्पी ने भी औद्योगिक विकास का ईकोसिस्टम तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में गीडा क्षेत्र में केयान इंडस्ट्रीज ने 1200 करोड़ रुपये, पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण ब्रेवरेज ने 1100 करोड़, अंकुर उद्योग ने 500 करोड़, इंडिया ऑटोव्हील्स ने 400 करोड़, एसडी इंटरनेशनल ने 300 करोड़, सीपी मिल्क एंड फूड्स ;ज्ञान डेयरी ने 118 करोड़, तत्वा प्लास्टिक्स ने 105 करोड़ और कपिला कृषि उद्योग ने 100 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

सरकार के नजरिये में आए बदलाव के आठ सालों में गोरखपुर को करीब पांच सौ औद्योगिक इकाइयों के सापेक्ष करीब बारह हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्राप्त हुए जिससे चालीस हजार से अधिकलोगों के रोजगार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी के नौवें कार्यकाल के दौरान गीडा ने वर्तमान वर्ष में करीब नौ लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में करीब सवा सौ औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निवेशकों को किया है। इस भूमि आवंटन के सापेक्ष करीब करीब सात हजार करोड़ रुपये का निवेश और बारह हजार से अधिक रोजगार सृजन प्रस्तावित है।

गोरखपुर में बना औद्योगिक विकास का माहौल कोल्ड ड्रिंक्स की प्रमुख मल्टीनेशनल कम्पनियों पेप्सिकोए कोका कोला और कैम्पा को भी भाया है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ;सीईओद्ध अनुज मलिक बताती हैं कि मल्टीनेशनल पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज का 1100 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित बॉटलिंग प्लांट यहां पहले से उत्पादनरत है। कोका कोला के प्लांट का भूमि पूजन हो चुका है। इसके लिए गीडा सेक्टर 27 में 40 एकड़ भूमि का आवंटन किया है। पहले चरण में यहां 800 करोड़ रुपये के निवेश से प्लांट लगाया जा रहा है। नए दौर में रिलायंस समूह के स्वामित्व वाले कैम्पा ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक की यूनिट लगाने के लिए भी समूह द्वारा गीडा के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में जमीन पसंद कर ली गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में दक्षिणांचल का औद्योगिक कायाकल्प करने वाली परियोजना धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप ने भी धरातलीय आकार लेना शुरू कर दिया है। इस टाउनशिप का सुनियोजित विकास 6876 एकड़ क्षेत्रफल में होना है। यह औद्योगिक क्षेत्र दक्षिणांचल के 17 अधिसूचित ग्रामों में बस रहा है। गीडा द्वारा परियोजना का प्रथम चरण 800 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में अडानी समूह को अंबुजा सीमेंट की यूनिट लगाने के लिए 46.63 एकड़ और श्रेयस डिस्टलरीज एंड एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ भूमि का आवंटन भी कर दिया गया है। इन दोनों आवंटन से 4200 करोड़ रुपये का निवेश और 6500 लोगों के लिए रोजगार प्रस्तावित है। इसके अलावा टाटा पॉवर ने सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए तथा वीडियोकान ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की यूनिट लगाने के लिए धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में जमीन लेने की रुचि दिखाई है।

Related Articles

Back to top button