मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा नेता सुषमा स्वराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राजनीति के क्षितिज पर अपनी विद्वत्ता, शालीनता और ओजस्विता की अमिट छाप छोड़ने वाली ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि सुषमा स्वराज का जीवन भारतीय राजनीति में शुचिता, सामर्थ्य और संवेदना की ऐसी त्रिवेणी था, जिसने सत्ता को ‘सेवा’ के उच्चतम प्रतिमानों पर प्रतिष्ठित किया। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, संवाद और समर्पण की जो परंपरा स्थापित की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
योगी ने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना के साथ उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और देशवासियों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करता रहेगा।
गौरतलब है कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आज जन्मदिन है। भले ही वह इस दुनिया में ना हो लेकिन लोगों के मन में आज भी उनकी एक अच्छी छवि है। हरियाणा के अंबाला में जन्मीं सुषमा जी ने 52 दिनों के छोटे कार्यकाल के लिए दिल्ली की सीएम के रूप में काम किया। इस पद पर आसीन होने वाली वह पहली महिला थीं। उनके नेतृत्व और कार्यकुशलता ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में अलग पहचान दिलाई।
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को पंजाब (अब हरियाणा) के अंबाला छावनी में एक ब्राह्मण परिवार में हरदेव शर्मा और श्रीमती लक्ष्मी देवी के घर हुआ था। उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रमुख सदस्य थे। उनके माता-पिता पाकिस्तान के लाहौर के धरमपुरा क्षेत्र से थे। 1977 में जब सुषमा पहली बार विधायक बनीं, तब उनकी उम्र महज 25 साल थी, जिसके साथ ही उन्होंने सबसे युवा मंत्री का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
उन्होंने 25 वर्ष की आयु में हरियाणा की सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। वह सात बार संसद के लिए चुनी गईं और तीन बार विधायक रहीं। इंदिरा गांधी के बाद वह विदेश मंत्रालय संभालने वाली इकलौती महिला बनीं।





