यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क में शामिल हुआ लखनऊ, गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी में मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ, लखनऊ ने वैश्विक मंच पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क (यूसीसीएन) में गैस्ट्रोनॉमी श्रेणी में जगह बनाई है। यह सम्मान लखनऊ की सांस्कृतिक पहचान, पाक–परंपराओं और रचनात्मक विकास के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का अंतरराष्ट्रीय स्वीकार है।
यूनेस्को के संस्कृति क्षेत्र के सहायक महानिदेशक एर्नेस्टो ऑट्टोने आर. ने लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल को लिखे पत्र में इस चयन की औपचारिक सूचना दी और शहर को बधाई दी। गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त गौरव कुमार ने यह पत्र महापौर को सौंपा।
यूनेस्को ने कहा कि लखनऊ का चयन उसकी समृद्ध पाक विरासत, विशिष्ट व्यंजनों, तहजीब और रचनात्मक प्रतिभा का वैश्विक सम्मान है। संस्था ने स्पष्ट किया कि यूसीसीएन से जुड़ने के बाद लखनऊ को संस्कृति और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को अपनी विकास रणनीति के केंद्र में रखना होगा। इस श्रेणी में जुड़ने के बाद शहर अब नेटवर्क के विभिन्न वैश्विक कार्यक्रमों, रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं और ज्ञान–विनिमय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
इस दौरान 2026 में मोरक्को के एस्साओइरा में होने वाले यूसीसीएन वार्षिक सम्मेलन के लिए भी लखनऊ को विशेष आमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह अवसर शहर की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी को और मजबूत करेगा।
यूनेस्को ने यह भी उल्लेख किया कि लखनऊ में 2030 के सतत विकास लक्ष्यों, विशेषकर सस्टेनेबल सिटीज एंड कम्युनिटीज, को प्राप्त करने की विशिष्ट क्षमता है। उसने लखनऊ की प्रगतिशील नीतियों, विरासत संरक्षण और सांस्कृतिक नवाचार की दिशा में हो रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
गौरतलब है कि यूनेस्को से मिली यह मान्यता लखनऊ को वैश्विक नक्शे पर “क्रिएटिव सिटी” के रूप में स्थापित करती है। अब लखनऊ सिर्फ तहजीब, नवाबी खान–पान और ऐतिहासिक कला–संस्कृति का केंद्र ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर रचनात्मकता और नवाचार का महत्वपूर्ण शहर माना जाएगा। इससे स्थानीय पाक कला, रेस्तरां उद्योग, परंपरागत व्यंजन और रचनात्मक समुदायों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी।





