यूपी कैबिनेट ने दी कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की शुक्रवार को सम्पन्न बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।
बैठक की शुरुआत भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आगामी श्रृंखलाओं के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करने के प्रस्ताव से हुई। इसके साथ ही दिल्ली में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कैबिनेट ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक के उपरांत संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि न्याय विभाग के प्रस्ताव के तहत 156 पदों के उच्चीकरण को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके तहत हाई कोर्ट न्यायमूर्ति के सचिव को ग्रेड-वन में पदोन्नति दी गई है।
उन्होंने कहा कि न्यायिक एवं उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए वाहन खरीद की सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। इस पर उन्हें 5 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री ने बताया कि किरायानामा संबंधित प्रावधानों में संशोधन करते हुए सरकार ने इंस्टेंट ड्यूटी में राहत प्रदान की है। अब एक वर्ष तक किराया अनुबंध ऐच्छिक रहेगा तथा स्टांप शुल्क 500, 1000 और 1500 रुपये निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने बागपत में मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इसके लिए मत्स्य विभाग की भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। दुकान एवं वाणिज्य प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन करते हुए इसे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह प्रावधान अब कंसल्टेंट पर भी लागू होगा। जिन प्रतिष्ठानों में 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत होंगे, उन्हें पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
खन्ना ने बताया कि एमएसएमई प्लस पार्क संबंधी अड़चनों को दूर करने के लिए कैबिनेट ने कई प्रमुख संशोधनों को मंजूरी दी है। निजी भूमि यदि 12 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित है तो सरकार वहां बिजली एवं सड़क निर्माण की सुविधा उपलब्ध कराएगी। वहीं ढाई किलोमीटर भीतर चक रोड पर स्थित भूमि पर 15 से 50 एकड़ तक के औद्योगिक पार्कों के लिए भी सड़क निर्माण राज्य सरकार कराएगी।
वृद्धावस्था पेंशन को लेकर मंत्री असीम अरुण ने बताया कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘फैमिली आईडी’ प्रणाली लागू की है। इसके जरिए पात्र व्यक्तियों की पहचान डिजिटल रूप से की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग उनसे संपर्क कर यह सुनिश्चित करेगा कि वे पेंशन प्राप्त करना चाहते हैं या नहीं। आय एवं जीवित प्रमाणन की जांच बायोमीट्रिक ऐप से होगी। यह सुविधा प्रत्येक पंचायत में ग्राम सहायक एवं जनसुविधा केंद्र पर उपलब्ध रहेगी।





