यूपी में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की तैयारी, एनटीपीसी ने चिन्हित किए तीन स्थल

लखनऊ , उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एनटीपीसी लिमिटेड ने राज्य में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी ने इसके लिए प्रयागराज, ललितपुर और सोनभद्र को संभावित स्थल के रूप में चिन्हित किया है।
एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) दिवाकर कौशिक के अनुसार अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा व्यवहार्यता अध्ययन और आवश्यक मंजूरियों के बाद लिया जाएगा। परियोजना के लिए भूमि और जल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा मांग और जलवायु लक्ष्यों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा को कोयला आधारित बिजली के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। हालांकि, उत्तर प्रदेश जैसे घनी आबादी वाले राज्य में भूमि उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। संयंत्र के लिए बड़े भू-भाग के अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया परियोजना के क्रियान्वयन में बाधा बन सकती है। यह प्रस्ताव एनटीपीसी की 2032 तक कुल स्थापित क्षमता को 149 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना का हिस्सा है, जिसमें 60 गीगावाट गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस बीच, कंपनी के उत्तरी क्षेत्र ने 29 मार्च तक 1,10,992 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया है, जो कुल उत्पादन का 25.64 प्रतिशत है। 72.4 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर के साथ सिंगरौली पावर स्टेशन, रिहंद पावर स्टेशन और विंध्याचल पावर स्टेशन का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
उत्तर प्रदेश में एनटीपीसी 1600 मेगावाट की सिंगरौली स्टेज-III परियोजना पर भी काम कर रही है, जिसे 2028 तक चालू करने का लक्ष्य है। इसके अलावा ललितपुर और चित्रकूट में 1000 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। कंपनी ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी कई पहलें शुरू की हैं, जिनमें विंध्याचल में कार्बन कैप्चर, वाराणसी में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोमास को-फायरिंग और एफजीडी सिस्टम शामिल हैं वहीं, आईओसीएल भी प्रदेश में इसी तरह की परियोजनाओं के लिए कम से कम दो स्थानों का सर्वे कर रही है।





